00:01चैत्र नवरात्री की नवमी तिती को लेकर भक्तों के बीच भ्रम की स्तिती तो बनी हुई है।
00:06लोगों के मन में ये सवाल आ रहा है कि चैत्र महा नवमी और राम नवमी 26 मार्श को मनाई
00:11जाएगी या 27 मार्श को।
00:13पंचांग में भी अलग-अलग नियम और मूर्थ के कारण ये असमंजस की स्तिती बनी ही हुई है।
00:19इससे लोगों में ये कन्फ्यूजन भी है कि 9 दिनों के वरत का पारण किस दन किया जाएगा।
00:24आईए आपके इस परिशानी को दूर किये देते हैं।
00:27बैसे तो दिग पंचांग के मताबिक चैत्र शुकल पक्षकी नवमितिती 26 मार्श को सुबह 11 बचकर 48 मिनट से शुरू
00:35होकर 27 मार्श की सुबह 10 बचकर 6 मिनट तक रहेगी।
00:40यानि नवमितिती दोनों दिनों में ही पड़ रही है।
00:43यही वजह है कि लोग तारीक को लेकर असमन जस्मे हैं।
00:47हाला कि हिंदू धर्म में वरत और त्योहार मनाने के लिए उद्या तिथी को अधिक महत्व दिया जाता है।
00:54लेकिन भगवान श्री राम का जन्म मध्यान काल में हुआ था।
00:58ऐसे में कुछ लोग 26 तारीक को राम नावमी का परव मना रहे हैं।
01:15कन्या पूजन करने के बाद शाम के समय अपने वरत का पारण कर सकती है।
01:20लेकिन अगर आप 27 तारिक को राम नौमी का परो मना रहे हैं तो ऐसे में 10 बचकर 6 मिनट
01:26के बाद किसी भी समय वरत का पारण किया जा सकता है। ध्यान रहे शाम होने से पहले ही वरत
01:32का पारण कर ले।
01:33वैसे चैत्र नवरात्री का समापन दश्मी तिति को होता है। शास्त्रो के नौसार पारण दश्मी को करना उचित होगा। यदि
01:40नव में दो दिन पढ़ती है तो पहले दुन उपवास रखा जाता है। और दूसरे दिन पारण। इसे साब से
01:4627 मार्च को नव में तिति के समा
01:48आपन के बाद वरत का पारण किया जा सकता है। फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और
01:54शेयर करें। साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले।
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