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Xi Jinping Meets Kim Jong Un In Pyongyang Update: दुनिया की दो सबसे रहस्यमयी और आक्रामक व्यवस्थाओं वाले देशों के महानायक एक बार फिर एक साझा मंच पर साथ दिखाई दिए हैं! सात साल के लंबे अंतराल के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उत्तर कोरिया पहुंचने से अमेरिका, रूस और चीन के बीच चल रहे वैश्विक शक्ति-संतुलन में क्या नया भूचाल आने वाला है, देखिए।
वैश्विक राजनीति और कूटनीति के लिहाज से एक बेहद बड़ी और दूरगामी घटनाक्रम के तहत चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उत्तर कोरिया (North Korea) की राजधानी प्योंगयांग के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर पहुंचे हैं। साल 2019 के बाद यानी पूरे सात साल बाद शी जिनपिंग का यह पहला प्योंगयांग दौरा है। प्योंगयांग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खुद उत्तर कोरियाई सर्वोच्च नेता किम जोंग उन (Kim Jong Un) अपनी पत्नी री सोल जू के साथ उनके भव्य स्वागत के लिए मौजूद थे। इस दौरान शी जिनपिंग को 21 तोपों की सलामी दी गई और किम इल सुंग स्क्वायर पर हजारों लोगों ने चीनी और उत्तर कोरियाई झंडे लहराकर दोनों देशों के बीच "फॉरगेड इन ब्लड" यानी ऐतिहासिक और अटूट रिश्तों का प्रदर्शन किया।

About the Story:
In a major geopolitical move, Chinese President Xi Jinping has embarked on a rare state visit to North Korea, marking his first trip to Pyongyang in seven years. Greeted with a grand 21-gun salute by leader Kim Jong Un and thousands of flag-waving citizens, the summit highlights the "unbreakable" bond between the neighbor nations.

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Transcript
00:00दुनिया की दो सबसे रहस्यमई व्यवस्थाओं वाले देशों के नेता एक बार फिर एक मंच पर दिखाई दिये हैं, लेकिन
00:07ये सिर्फ एक मुलाकात नहीं है, ये उस बदलती वैश्विक राजनीती का संकेत है, जो आने वाले महिनों में अमेरिका,
00:15रूस, चीन और उत्तर
00:17कोरिया के समिकरणों को बदल सकती है, साथ साल बाद चीन के राष्ट्रपती शी जिनपिंग उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंग
00:25यांग पहुंचे, एरपोर्ट पर खुद किम जॉंग उन अपनी पतनी के साथ शी जिनपिंग के स्वागत के लिए मौजूद थे,
00:32लेकि
00:44पूरा प्योंग यांग एक बात दुनिया को बताने की कोशिश कर रहा था, चीन और उत्तर कोरिया आज भी साथ
00:50हैं।
01:14पर आरोप है कि उन्होंने यूकरेन युद्ध में रूस को हत्यार और सैनिकों तक की मदद पहुचाई है, और जब
01:20दुनिया का ध्यान इरान, इस्राइल और यूकरेन जैसे मोर्चों पर लगा हुआ है।
01:44याद रखिए उत्तर कोरिया की अर्थ व्यवस्था की जीवन रेखा चीन है।
01:48उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साजेदार चीन है।
01:51खाध्यान से लेकर इंधन तक प्योंग याइंग की बड़ी जरूरते बीजिंग से पूरी होती है।
01:56ऐसे में उत्तर कोरिया पर चीन का प्रभाव सिर्फ कूट नीतिक नहीं, बलकि आर्थिक भी है।
02:02लेकिन इस कहानी का दूसरा पक्ष भी है। किम जॉंग उनको भी इस वक्त चीन की जरूरत है।
02:07रूस से करीबी बढ़ने के बावजूद उत्तर कोरिया पूरी तरह मौसको पर निर्भर नहीं रह सकता।
02:13उसे निवेश चाहिए, खाद्य सहायता चाहिए, उर्वरक चाहिए और अंतरराष्ट्रिय अलगाव से निकलने के लिए एक मजबूत सहयोगी भी चाहिए।
02:21यही वज़ा है कि किम और शी दोनों इस रिष्टे को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
02:27विशेशग्यों का मानना है कि शी जिन पिंग उत्तर कोरिया को आर्थिक पैकेज, परियेटन सहयोग और नए व्यापारिक अवसरों का
02:34प्रस्ताव दे सकते हैं।
02:35बदले में चीन ये सुनिष्चित करना चाहता है कि उत्तर कोरिया पूरी तरहा रूस के प्रभाव क्षेतर में ना चला
02:41जाए।
02:41लेकिन इस मुलाकात का सबसे बड़ा असर वाशिंटन में महसूस किया जाएगा।
02:46डॉनल्ड ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि वो किम जॉंग उनसे बातचीत फिर से शुरू करना चाहते हैं।
02:51ऐसे में अगर चीन उत्तर कोरिया पर अपना प्रभाव मजबूत कर लेता है तो ट्रम्प के साथ किसी भी बातचीत
02:57में बीजिंग की भूमिका और ताकत दोनों बढ़ जाएंगी।
03:01यानि प्योंग याइंग में हुई ये मुलाकात सिर्फ दो नेताओं की बैठक नहीं है, ये अमेरिका को संदेश है, रूस
03:08को संकेत है और पूरी दुनिया को ये याद दिलाने की कोशिश है कि एशिया की भू राजनीती में चीन
03:13अभी भी सबसे बड़ा खिलाडी बनने की
03:16दौर में है, और शायद यही वजा है कि साथ साल बाद हुई इस मुलाकात को दुनिया सिर्फ एक कूटनीटिक
03:23दौरे के रूप में नहीं, बलकि एक नहे शक्ती संतुलन की शुरवात के तोर पर देख रही है, क्योंकि जब
03:28शी जिन पिंग और किम जॉंग उन एक साथ ख�
03:46नहीं प्यूंकि प्रेख शुम आप्ट एलाएं यूंग श陌ट एंध लग Сам
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