00:00दुनिया की दो सबसे रहस्यमई व्यवस्थाओं वाले देशों के नेता एक बार फिर एक मंच पर दिखाई दिये हैं, लेकिन
00:07ये सिर्फ एक मुलाकात नहीं है, ये उस बदलती वैश्विक राजनीती का संकेत है, जो आने वाले महिनों में अमेरिका,
00:15रूस, चीन और उत्तर
00:17कोरिया के समिकरणों को बदल सकती है, साथ साल बाद चीन के राष्ट्रपती शी जिनपिंग उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंग
00:25यांग पहुंचे, एरपोर्ट पर खुद किम जॉंग उन अपनी पतनी के साथ शी जिनपिंग के स्वागत के लिए मौजूद थे,
00:32लेकि
00:44पूरा प्योंग यांग एक बात दुनिया को बताने की कोशिश कर रहा था, चीन और उत्तर कोरिया आज भी साथ
00:50हैं।
01:14पर आरोप है कि उन्होंने यूकरेन युद्ध में रूस को हत्यार और सैनिकों तक की मदद पहुचाई है, और जब
01:20दुनिया का ध्यान इरान, इस्राइल और यूकरेन जैसे मोर्चों पर लगा हुआ है।
01:44याद रखिए उत्तर कोरिया की अर्थ व्यवस्था की जीवन रेखा चीन है।
01:48उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साजेदार चीन है।
01:51खाध्यान से लेकर इंधन तक प्योंग याइंग की बड़ी जरूरते बीजिंग से पूरी होती है।
01:56ऐसे में उत्तर कोरिया पर चीन का प्रभाव सिर्फ कूट नीतिक नहीं, बलकि आर्थिक भी है।
02:02लेकिन इस कहानी का दूसरा पक्ष भी है। किम जॉंग उनको भी इस वक्त चीन की जरूरत है।
02:07रूस से करीबी बढ़ने के बावजूद उत्तर कोरिया पूरी तरह मौसको पर निर्भर नहीं रह सकता।
02:13उसे निवेश चाहिए, खाद्य सहायता चाहिए, उर्वरक चाहिए और अंतरराष्ट्रिय अलगाव से निकलने के लिए एक मजबूत सहयोगी भी चाहिए।
02:21यही वज़ा है कि किम और शी दोनों इस रिष्टे को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
02:27विशेशग्यों का मानना है कि शी जिन पिंग उत्तर कोरिया को आर्थिक पैकेज, परियेटन सहयोग और नए व्यापारिक अवसरों का
02:34प्रस्ताव दे सकते हैं।
02:35बदले में चीन ये सुनिष्चित करना चाहता है कि उत्तर कोरिया पूरी तरहा रूस के प्रभाव क्षेतर में ना चला
02:41जाए।
02:41लेकिन इस मुलाकात का सबसे बड़ा असर वाशिंटन में महसूस किया जाएगा।
02:46डॉनल्ड ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि वो किम जॉंग उनसे बातचीत फिर से शुरू करना चाहते हैं।
02:51ऐसे में अगर चीन उत्तर कोरिया पर अपना प्रभाव मजबूत कर लेता है तो ट्रम्प के साथ किसी भी बातचीत
02:57में बीजिंग की भूमिका और ताकत दोनों बढ़ जाएंगी।
03:01यानि प्योंग याइंग में हुई ये मुलाकात सिर्फ दो नेताओं की बैठक नहीं है, ये अमेरिका को संदेश है, रूस
03:08को संकेत है और पूरी दुनिया को ये याद दिलाने की कोशिश है कि एशिया की भू राजनीती में चीन
03:13अभी भी सबसे बड़ा खिलाडी बनने की
03:16दौर में है, और शायद यही वजा है कि साथ साल बाद हुई इस मुलाकात को दुनिया सिर्फ एक कूटनीटिक
03:23दौरे के रूप में नहीं, बलकि एक नहे शक्ती संतुलन की शुरवात के तोर पर देख रही है, क्योंकि जब
03:28शी जिन पिंग और किम जॉंग उन एक साथ ख�
03:46नहीं प्यूंकि प्रेख शुम आप्ट एलाएं यूंग श陌ट एंध लग Сам
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