शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस, प्रशासन व नगरपरिषद मौन
स्थायी समाधान की मांग, मंडी में सुरक्षा पर उठे सवाल
सवाईमाधोपुर. बजरिया सब्जी मंडी में आवारा गौवंश की मौजूदगी अब केवल राहगीरों और व्यापारियों के लिए खतरा नहीं रही, बल्कि सीधे तौर पर सब्जियों और फलों के कारोबार को भी प्रभावित कर रही है। मंडी में खड़े और घूमते सांड कई बार ठेलों और दुकानों पर रखी सब्जियों व फलों को चट कर जाते हैं। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और ग्राहकों को ताज़ा सामान उपलब्ध कराने में परेशानी होती है।
मंडी में मच जाती है अफरा-तफरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सांड आपस में भिड़ जाते हैं। ऐसे समय पर मंडी में अफरा-तफरी मच जाती है। वाहनों के टूटने और लोगों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। कई बार तो ग्राहकों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ता है। विक्रेताओं ने बताया कि इस वजह से मंडी में कारोबार प्रभावित हो रहा है और ग्राहक भी असहज महसूस करते हैं।
कई बार की कई शिकायत, पर नहीं हो रहा समाधान
व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने कई बार जिला प्रशासन और नगरपरिषद को शिकायतें दीं, लेकिन हालात जस के तस बने हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।सब्जी मंडी में रोज़ाना हजारों लोग आते हैं। ऐसे में आवारा गौवंश की मौजूदगी न केवल व्यापारियों और ग्राहकों के लिए खतरा है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी बिगड़ जाती है। ठेले और गाड़ियों के बीच अचानक दौड़ते सांडों से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
सब्जियों और फलों को पहुंचाते है नुकसान
सब्जी विक्रेता कैलाश सैनी, संतोष सैनी ने बताया कि सांड मंडी में घुसते हैं तो वे सीधे ठेलों पर चढ़ जाते हैं। केले, टमाटर, आलू, प्याज़ जैसी सब्जियां और फल उनके निशाने पर रहते हैं। कई बार तो पूरा ठेला ही उलट जाता है, जिससे सामान बर्बाद हो जाता है। ग्राहक भी इस स्थिति से परेशान रहते हैं, क्योंकि अचानक मंडी में अफरा-तफरी मच जाती है और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार जिला प्रशासन और नगरपरिषद को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। व्यापारियों और ग्राहकों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी क्षेत्र से आवारा गौवंश को हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।
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