सवाईमाधोपुर. जिले में कैंसर का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अब यह बीमारी सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा भी इसकी गिरफ्त में आने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर माह 40 से 50 नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें आठ से दस मरीज कीमोथैरेपी के लिए भी पहुंच रहे हैं। यह आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाने वाला है।
जिला मुख्यालय पर वर्ष 2018 में जिला अस्पताल में कैंसर यूनिट शुरू की गई थी, जहां कीमोथैरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके बावजूद मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। कैंसर दिवस पर यह सवाल और भी गंभीर हो जाता है कि आखिर जागरूकता और बचाव के प्रयास कितने कारगर साबित हो रहे हैं। रोज होती है तीन कॉमन कैँसर स्क्रीनिंग
जिला अस्पताल में रोजाना तीन कॉमन कैंसर की स्क्रीनिंग होती है। इनमें मुख का कैंसर, महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और बच्चेदानी का कैंसर। शुरुआती अवस्था में पहचान और समय पर इलाज से कैंसर पर काबू पाया जा सकता है। लेकिन समस्या यह है कि लोग लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और देर से अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में कैंसर बढ़ता जाता है। ...............................
ये है कैंसर के लक्षण शरीर में लगातार थकान और कमजोरी
बिना वजह वजन घटना किसी हिस्से में गांठ या सूजन
लंबे समय तक खांसी या गले में खराश त्वचा पर असामान्य बदलाव या घाव का न भरना
भूख कम लगना और पाचन संबंधी समस्या यह है बचाव के उपाय तंबाकू, गुटखा और शराब से दूरी बनाए रखें संतुलित आहार और नियमित व्यायाम करें प्रदूषण और हानिकारक रसायनों से बचें परिवार में कैंसर का इतिहास हो तो नियमित जांच करवाएं किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें ...............................
जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार कैंसर से बचाव का सबसे बड़ा उपाय जागरूकता है। समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। जिला अस्पताल की कैंसर यूनिट मरीजों को राहत देने का प्रयास कर रही है, लेकिन बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल में कीमोथैरेपी यूनिट संचालित है। शुरुआती अवस्था में कैंसर का इलाज संभव है। इसके लिए नियमित जांच और समय पर उपचार जरूरी है।
डॉ. नरेन्द्र कुमार गुप्ता, कैंसर नोडल ऑफिसर, जिला अस्पताल सवाईमाधोपुर
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