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  • 2 hours ago
सवाईमाधोपुर. अचानक बदले मौसम ने गुरुवार रात को किसानों की मेहनत पर सीधा वार किया। तेज़ अंधड़ और बेमौसम बारिश ने खेतों में रखी गेहूं की कटी फसल को भीगने पर मजबूर कर दिया। जिन खेतों में कटाई पूरी हो चुकी थी, वहां ढेर बनाकर रखी बालियां पानी से तर हो गईं, जबकि कई जगहों पर खड़ी फसल ज़मीन पर आड़ी होकर गिर गई।

ऐसे में किसानों की महीनों की मेहनत और उम्मीदें इस बारिश से डगमगा गईं। खेतों में पानी भरने से कटाई का काम रुक गया है और गिरी हुई फसल को मशीनों से काटना बेहद मुश्किल हो गया है। इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है।
जिले में 12 हजार से अधिक हैक्टेयर में खराबा
कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार बीती रात हुई बेमौसम बारिश से जिले में गेहूं, चना व सरसों में 12382 हैक्टेयर क्षेत्र में नुकसान हुआ है। इस दौरान सर्वाधिक नुकसान गेहूं की फसल में हुआ है। जिले में 7 हजार 152 हैक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।

नमी बढ़ने से बाजार भाव गिरने की आशंका

किसानों ने चिंता जताई कि नमी बढ़ने से गेहूं का भाव बाज़ार में गिर सकता है। मंडियों तक अच्छी फसल पहुंचाना चुनौती बन गया है। बेमौसम बारिश से गेहूं की गुणवत्ता घट जाती है, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिलने में परेशानी होगी। प्राकृतिक आपदा की इस मार ने किसानों को एक बार फिर मौसम पर निर्भरता की कठोर सच्चाई का एहसास कराया है। मेहनत से तैयार की गई फसल जब मंडी तक पहुंचने ही वाली थी, तभी बारिश ने उनकी उम्मीदों को डुबो दिया।
फसल भीगने से होगा आर्थिक नुकसान
जिले में रात सवा तीन बजे तेज अंधड़ के साथ बारिश से किसानों की फसलों को भीगो दिया। जिले में कुश्तला, चौथकाबरवाड़ा, शिवाड़, पीपलवाड़ा, खिजूरी आदि गांवाें अंधड़ व बारिश से नुकसान हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों ने बताया कि फसल के भीगने से उनका आर्थिक नुकसान तय है। यह मौसम की मार केवल फसल का नुकसान नहीं, बल्कि उनके परिवार की आजीविका पर सीधा संकट है।

प्रारंभिक आंकलन अनुसार नुकसान पर एक नजर......

फसल बुवाई क्षेत्र(है.) 33 प्रतिशत से कम खराब

गेहूं 88750 7152

जौ 1460 10

चना 34740 2520

तारामीरा 183 -

अन्य 10478 -

योग 286805 12382

इनका कहना है...
प्रारंभिक आंकलन के अनुसार जिले में अंधड़ व बेमौसम बारिश से 12 हजार 282 हैक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से कम खराबा मिला है। प्रभावित बीमित किसानों को फसल खराबे की सूचना 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य है। इसके लिए किसान कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447 अथवा क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से ऑनलाइन सूचना दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान संबंधित बीमा कंपनी, नजदीकी कृषि कार्यालय या बैंक में भी निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से सूचना दे सकते हैं।

लखपत लाल मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार, सवाईमाधोपुर

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00:26There are so many flowers in the forest.
00:32There are so many flowers in the forest.
00:37Let's put some flowers in the forest.
00:46Oh yeah, funny
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