Skip to playerSkip to main content
  • 49 minutes ago
सवाईमाधोपुर. विश्व उपभोक्ता दिवस पर जब पूरे देश में उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और जागरूकता की बातें हो रही हैं, तब जिले की तस्वीर कुछ और ही कहानी कहती है। यहां उपभोक्ता आज भी जानकारी के अभाव और जागरूकता की कमी के कारण शोषण का शिकार हो रहे हैं। बैंकिंग सेवाओं से लेकर बिजली-पानी के बिल, बीमा कंपनियों की मनमानी और ऑनलाइन ठगी तक। हर क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी साफ दिखाई देती है।

बैंक में छोटे-छोटे शुल्कों से लेकर बीमा पॉलिसियों की जटिल शर्तों तक, उपभोक्ता अक्सर बिना पूरी जानकारी के ही सेवाओं को स्वीकार कर लेते हैं और बाद में ठगी का शिकार हो जाते हैं। बिजली और पानी के बिलों में गलत प्रविष्टियां, ऑनलाइन खरीददारी में नकली या खराब सामान की डिलीवरी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर रिफंड की कठिन प्रक्रिया आमजन को परेशान कर रही है। विश्व उपभोक्ता दिवस से एक दिन पहले पीडि़तों का कुछ यूं छलका दर्द। पेश है एक रिपोर्ट...
केस न. 1
आलनपुर मंडी रोड निवासी अजय जैन ने अपने ट्रक का स्टेट परमिट ले रखा है जिसकी अवधि वर्ष 2027 तक है उसके बाद भी उसके ट्रक का ई चालान टोल टेक्स पर दस हजार का और फिर लगभग 9 बार और काट दिया गया है कि उसके ट्रक का नेशनल परमिट नहीं है इसलिए ई चालान काट लिया है जबकि उसके द्वारा केवल स्टेट में ही ट्रक चलाया जाता है वो जबरदस्ती नेशनल का परमिट क्यूं ले. लेकिन लगभग दस ई चालान के एक लाख रुपए उसके ट्रक के भर दिए है।स्थानीय जिला परिवहन विभाग में सम्पर्क किया तो बोल रहे है। यह ई चालान ऑनलाइन कटते है हम कुछ नहीं कर सकते है जबकि यह कृत्य उपभोक्ता के साथ मनमानी और अनुचित व्यापार की श्रेणी में आता है।
केस न 2.

महेन्द्र शर्मा निवासी बजरिया ने अपनी पुत्री को एक कोटा के एक नामी कोचिंग सेंटर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए एडमिशन कराया लेकिन उसकी तबियत सही नहीं होने से उसने कोचिंग छोड़ दिया लेकिन कोचिंग क्लासेज के इंस्टियूट ने एडवांस एक वर्ष की एक लाख रूपये राशि जमा करवा ली थी जो वापस नहीं दी जा रही है जबकि किसी भी कोचिंग या ट्यूशन के नाम से एडवांसन्स राशि वसूलना मनमानी माना गया है और अगर कोई स्टूडेंट बिच में क्लासेज छोड़ता है तो एडवांस जमा राशि वापस करनी चाहिए।

केस न 3
शहर निवासी जाकिर हुसैन ने अपने नैशनल टेंट हॉउस का बीमा कंपनी से अपने टेंट हॉउस का बीमा कराया था जिसमे बारह लाख रूपये का पूरा सामान बिमित किया गया जिसकी बीमा प्रीमियम राशि भी जमा कराई गईं लेकिन बिमित अवधि में सिटी में आई बाढ़ से उसको भारी नुकसान हुआ सारा सामान बह गया और खराब हो गया जिसकी सुचना बीमा कंपनी को भी दी उसके सर्वेयर भी आये पर उसको बीमा क्लेम आज तक नहीं दिया गया है जो भारी सेवा दोष है।
केस न 4.

सवाईमाधोपुर निवासी बिमला मिश्रा ने जयपुर में एक कॉलोनाइजर से अपने सेवानिवृत होने पर जयपुर आवास रहने के लिये फ्लेट बुक कराये जिसकी सात लाख रूपये जमा भी करा दिये लेकिन कॉलोनीजर ने यह कहते हुए कि उक्त स्कीम के फ्लेट दो सौ फिट स्कीम में आने से अब दूसरी जगह पर देंगे पर आज तक ना जमा राशि दी ना ही फ्लेट यह उपभोक्ता के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार है।

एक्सपर्ट व्यू...

जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार

आज भी उपभोक्ता जागरूकता की कमी के चलते उपभोक्ता शोषण और ठगी का शिकार हो रहे है। जब तक उपभोक्ता अपने अधिकारों को नहीं जानेंगे और उनका प्रयोग नहीं करेंगे, तब तक शोषण का सिलसिला जारी रहेगा। विश्व उपभोक्ता दिवस पर यह संकल्प लेना होगा कि हर नागरिक अपने अधिकारों को पहचाने और अनुचित व्यापार व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाए। उपभोक्ता को माल या सेवाओं की गुणवत्ता, सामर्थ, मात्रा, कीमत और उसके मानक के बारे में पूरी जानकारी रखने का अधिकार होता है। यदि किसी खरीदे गए सामान में कोई खराबी है। किराए पर ली गई सुविधा, मकान, केबल, बिजली, टेलीफोन आदि या किसी सामान से आपको शर्तों के अनुसार सुविधा नहीं मिल रही या कोई हानि हुई है तो आप इनके खिलावफ आवाज उठा सकते हैं। शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसलिए लोगों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना होगा।

हरिप्रसाद योगी, उपभोक्ता कानून विशेषज्ञ, सवाईमाधोपुर

Category

🗞
News
Transcript
00:00Alright.
00:00All right.
Comments

Recommended