सवाईमाधोपुर. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए 2026-27 के बजट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। किसानों से लेकर व्यापारी, नौकरीपेशा और युवाओं तक हर वर्ग ने अपनी-अपनी राय दी। कहीं इसे विकास का रोडमैप बताया तो कहीं इसे महज चुनावी वादों का पुलिंदा करार दिया। केन्द्रीय बजट को लेकर रविवार को जिले के नागरिकों से बातचीत की। इसमें उन्होंने खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएं दी।
ये बोले लोग...
किसान के हित में रहा बजट
ये बजट किसान हित में रहेगा। छोटे किसानों को मछली पालन, बादाम, अखरोट, नारियल और चंदन की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। पशुपालन क्षेत्र में छूट वाली योजनाएं शुरू होंगी। एक जिला-एक उत्पाद योजना से किसानों को बड़ा लाभ होगा। औषधीय खेती की विशेष योजना से भी किसानों की आय बढ़ेगी। बजट से जिले के करीब तीन लाख किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
लटूर सिंह गुर्जर, प्रांत मंत्री, किसान संघ सवाई माधोपुर
मजदूरों को नहीं मिला लाभ
बजट में श्रम शक्ति योजना के तहत मिलने वाली विवाह सहायता, वृद्धावस्था सहायता, चिकित्सा सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मजदूरों तक नहीं पहुंच रहा है। श्रमिकों को एफडी, बीमा, पेंशन, आवास योजना और चिकित्सा योजना जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, लेकिन बजट में कोई राहत नहीं मिली।
छोटूलाल बैरवा, अध्यक्ष, संनिर्माण मजदूर यूनियन सवाईमाधोपुर
महंगाई पर अंकुश के नहीं प्रावधान
बजट में महंगाई को कम करने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस प्रबंध नहीं किए हैं। आमजन की सबसे बड़ी चिंता रसोई से जुड़ी महंगाई है, लेकिन इस पर राहत देने वाला कोई कदम नहीं उठाया। वर्तमान में रसोई गैस, तेल, घी और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके बावजूद बजट में इस ओर ध्यान नहीं दिया।
पूजा शर्मा, गृहणी, सवाईमाधोपुर
डबल इंजन का झांसा, जनता फिर ठगी गई
केंद्रीय बजट विकास का नहीं, बल्कि विश्वासघात का बजट है। बजट में राजस्थान की पूरी तरह अनदेखी की गई है। न कोई राष्ट्रीय परियोजना, न विशेष पैकेज और न ही किसानों व पर्यटन को राहत। मध्यम वर्ग को भी टैक्स में कोई राहत नहीं मिली। यह बजट सामाजिक असंतुलन बढ़ाने वाला है और गरीब-मध्यम वर्ग की कमर तोड़ने वाला है।
डॉ. सुमीत गर्ग, महासचिव एवं प्रवक्ता, राज प्रदेश कांग्रेस कमेटी
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