00:01चैत्र अमावस्या की तारीक को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिती बनी हुई है।
00:05चैत्र अमावस्या 18 मार्श को है या फिर 19 मार्श को।
00:08तरसल 19 मार्श से चैत्र नवरात्री का प्रारंब हो रहा है।
00:13ऐसे में उस दिन अमावस्या पर पित्रों की लिए तरपन और श्राद्ध कैसे करें? वहीं चैत्र अमावस्या का स्नान और
00:19दान कब किया जाएगा? आईए से वीडियो में आपको बताते हैं. साथी पित्रों का तरपन करने की विधी क्या होगी?
00:25चैत्र अमावस्या की तिती की शुरुवात 18 मार्श बुद्वार को सुबह 8 बचकर 25 मिनट से शुरू होकर 19 मार्श
00:31को सुबह 6 बचकर 52 मिनट तक रहेगा. 19 मार्श को सूर्योदय 6 बचकर 26 मिनट पर होगा. ऐसे में
00:38चैत्र अमावस्या 19 मार्श को है ना कि 18 मार्श को.
00:42लेकिन क्योंकि 19 मार्ज को सुबह ही चैत्र अमावस्या की समाप्ती हो जाएगी ऐसे में 18 मार्ज को अभिजीत मुहूर्ट
00:51और विजय मुहूर्ट में तरपन और शाद्द के कारे किये जा सकते हैं
00:55अभिजीत मुहूर्ट दोपहर 12 बचकर 22 मिनट से लेकर 1 बचकर 11 मिनट तक है तो वहीं विजय मुहूर्ट दोपहर
01:022 बचकर 47 मिनट से 3 बचकर 36 मिनट तक है इन दोनों समय पर 18 मार्ज को तरपन और
01:09शाद्द कर्म किये जा सकते हैं
01:11अब करते हैं पित्र तरपन पूजाविधी सुबह जल्दी उटकर स्नानादी से निवरत हो कर साफ वस्त्र पहन ले दक्षण दिशा
01:18की और मुह करके बैठे तामबे के पात्र में जल काला तल और कुश डाल दे ओम पित्रिभ्य स्वधा इस
01:25मंत्र को 108 बार बोलते हुए हर �
01:28बार जल अर्पित करें वो कुशा को छूते हुए अर्पित होनी चाहिए अपने पित्रों का स्मरण करें और उनकी शांती
01:35के लिए प्रात्ना करें उनके मन पसंद का भोग बनाए ध्यान रहे वो सात्विक होना चाहिए और उसे अपने घर
01:42की छत या बैलकनी पर रख दें �
01:44ध्यान रहे पक्षियों के खाने के बाद उसे बैलकनी अच्छत से हटा कर किसी गायक या कुत्ते को खिला दें
01:50यसे परिवार जनों को स्वेम नहीं खाना है बानेता है कि तरपन से पित्री प्रसंद होते हैं और परिवार पर
01:56आशरवाद बना रहता है फिलहाल अस वीडिय
01:59तो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथ ही चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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