00:00शर्वमंगल मांगले शिवे शर्वार्थ शादिके शर्णे त्रियंब के गवरी नाराएणी नमस्तुते जैश्यराम जैमातादी
00:07वर्स दोहजार शब्विस विक्रम शंबत दोहजार तिरासी में चैत्र नौरात्री की सुरुवात 19 मार्च दोहजार शब्विस दिन गुरुवार्थ से होने
00:17जा रही है और इस वर्स चैत्र नौरात्री में मा दुरगा का आने का बाहन और जाने का बाहन क्या
00:25है इसी बिसर प
00:37आरूर हो करके शवार हो करके आ रही हैं और प्रस्थान अर्थात जाने का जो बाहन है मा का हाथी
00:45है और हाथी पर जब माता गमन करती है बिदाई करेंगी तो बाहनों का महत जोतिश मानिताओं के अनुशार ऐसा
00:56बताया गया है
00:57दोली पर आगमन जब माता दोली पर आती है तो रोग कष्ट महामारी की ओर संकेत प्राप्त होता है जो
01:08आधिक साउधानी बरतने का हमको संकेत प्रदान करता है
01:14और प्रस्थान जो भगवती कर रही है हाथी पर कर रही है हाथी पर प्रस्थान करना सुब माना जाता है
01:22जो आने वाले समय में अच्छी बरसा शुख शम्रद्धी धनधानिकी व्रद्धी का शंकेत भी हमें प्रदान करते हैं
01:34तो चैत्र नौरात्री 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक पूरे नौ दिनों का इस बार नौरात्री का पावनपर्व मनाया
01:46जा रहा है।
01:47हमने आपको बताया माता के आने का बाहन और माता के विदाई अर्थात जाने का बाहन क्या है।
01:56आप लोगों को चाहते हैं किसी भी तरह का कोई पूजा पार्टे गेनुस्थांत रिलेटिव जानकारी को प्राप्त करना तो शंपर
02:04कर सकते हैं।
02:05जै माता दी।
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