00:00होली की अग्रिम शुब कामना है लेकिन सच्ची होली मनाईएगा सही सच्चे रंगों से खेलिएगा एक रंग में जो रहे
00:07ऐसा बिरला कोई वो मन के लाखो रंग है वाली होली नहीं चाहिए क्या मन के बहुतक रंग हैं हिंचिन
00:15बदले सोय वो वाली होली नहीं चाहिए एक �
00:18होली चाहिए एक रंग में जो रहे ऐसा विरला वह एक रंग कॉन सा यह बहुत है जिसके हूने से
00:26सब रंगों में दम है और वो एक रंग नहीं है तो सारी रंग बेरावन अखेंजी के
00:33के
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