00:00आयतुल्ला से पहले इरान काफी हद थक समझलो के जिस कौम एक सेकुलर और लिबरल जगह कहेंगे वैसा था
00:10आप अगर जानी महिलाओं की तस्वीरों के बारे में गूगल करेंगी
00:1560 के दशक में, 70 के दशक में
00:17आप आएंगी वो काफी आधुनिक दिखती थी
00:21उनिवर्स्टीज में पढ़ा रही थी
00:24हस रही है कोई ऐसे कपड़ों की आचरण की कोई पाबंदी नहीं
00:28आपको सड़कों पे दिख जाएंगी बाजारों में खरीद रही है
00:31अपना जैसे एक कोई सधारन आदमी होता है आजाद
00:34पैसे हो जी रही है अब वो सब चल रहा था लेकिन तो समस्याएं सामने आई उनका काफी सारा संबन
00:41तो विदेश नीती सही था
00:42और कुछ उसका आर्थिक पहलू था तेल, मुद्रा सफीते, भेरुज़जारी और कुछ उसमें मामला मनुवज्यानिक भी था
00:52जनता को ये लग रहा था कि हम तो जो विदेशी ताकते हैं, खासकर जो ईजाई ताकते हैं, उनके सामने
00:58घुटने टेके बैठे हैं, तो क्रांती हुई, इरानियन रिवॉल्यूशन या इसलामी क रिवॉलूशन गोलते हैं इसको
01:03अभी पिछले साल वहां पर हुआ था कि एक लड़की ने किती निविवस्टी कैमपस में अपना हिजाब ही नहीं, अपने
01:11सब कपड़े वारा उतार दिये थे, उसकी तस्वीर काफी वाइरल होई थी, ये पिछले दो-चार साल से ये चल
01:17रहा है, तो उसकी वजह से जो वहां क
01:19इसलामी हुकूमत है, वो कमजोर हो गई है, तो जब ये देखा जाता है ना, कि हमारा ये ये हेड
01:24बने बैठे हैं और देखो, इनकी तो इतनी बहिजती हो रही है, खुदी सुरक्षित नहीं है, तो जो भीतर, आंतरिक,
01:31विद्रोही ताकते होती हैं, डिसेंटिंग फोर्से
01:35तो अब वो इनको गिराना चाहती हैं, और ये सोचा जा रहा है कि लिबरल सेकुलर होने से हट करके,
01:43अब हम जब कंसरवेटिव, और्थोडॉक्स, इसलामिक हुए, तब समधान मिल जाएगा, और उससे वापस घूम करके, अब हम फिर से
01:51लिबरल सेकुलर हो जाएंगे, त�
02:05आप रिलिजियस हो, और्थोडॉक्स हो, अब कि सेकुलर हो, जब तक मूल अज्ञान बाकी है, तब तक आप बस बाहरी
02:14सिस्टम्स, बाहरी विवस्थाएं चेंज करते रह जाओगे
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