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यह वीडियो 15 फ़रवरी 2026 को आयोजित महाशिवरात्रि सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00मेरी एक दोस्त है मतलब मैंने का तुम एक पर सत्र में चलो मेरे साथ तो उसने कहा कि मेरे
00:05पास बहुत सारी
00:06responsibilities है आचारे जी का तो ग्रहस्त जीवन है नी ना वो तो ग्रहस्त में गही नी उनको क्या पता
00:11कि
00:12मेरे फैमिली क्या होती है और हम फैमिली में है तो हम ही तो समझ पाएंगे ना जो ग्रहस्त है
00:17उनसे तो मेरा दिलकन आता है
00:23बल्कि ये जो छोकरे बैठे हुए है ये रंजिश रखते हैं मुझसे ये कहते हैं कि कोई लड्डू खास मिलने
00:32वाला है और ये लपकने नहीं दे रहे है
00:36को बहुत बहतर तरीके थे पताए मैं क्या बात कर रहा हूं उन्होंने लड्डू खाया है भाईवी लगी है
00:59जो घ्रस्त मन इंसनी तो दो
01:02इनके पार तो कोई जिम्मेदारी ही नहीं
01:06जिम्मेदारी जानते हो किस चड़िया का नाम होती है
01:09जिम्मेदारी बहुत बड़ी बात होती है
01:10दो-चार लोगों को पकड़ लिया
01:12और कहने लगे कि एक को दूद पिलाना है
01:15एक को जूता पहनाना है
01:17एक की चड़ी साफ करनी है, इसको जिम्मेदारी नहीं बोलते
01:20बहुत बड़ी यह प्रत्वी है, बहुत बड़ा यह समाज है
01:23बहुत सारी यहां प्रजातियां है
01:25उनके प्रति प्रेम होना चाहिए, इसको कहते हैं जिम्मेदारी
01:30आप यह जो बड़े बड़े काम बताया करते हो कि ग्रहस्त होने के नाते हम करते हैं दिखिए मैं मैं
01:35आपकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुचाना चाहता लेकिन उनमें से ज्यादा तर काम आउट्सोर्स हो जाएंगे 10-20,000 रुपर
01:42में यह आपके द्वारा ग्रहस्त के रू
01:58और यह इतना बड़ा पडिवार बैठा हुआ है यह किसका है तुम्हारे भी उच्छुनूलाल का जनम दिन होता है कितने
02:07आते हैं देखो आज मेरा है
02:25परिवार है कि नहीं है और इमानदारी के आधार पर खड़ा हुआ है
02:31हम आप मिलते हैं तो ग्यान की बुनियाद पर मिलते हैं ग्यान की बाते करते हैं फिर अपने अपने रस्ते
02:35फिर आ जाते हैं फिर ग्यान की बाते करते हैं फिर अपने अपने रस्ते
02:43इमांदारी की बुनियाद पर खड़ा है ये रिष्टा कि नहीं
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