00:02मैं बहुत कभी कुछ सामने आई नहीं घु कभी कुछ बोला नहीं हला कि मैं कि काम करती हूँ
00:09ऐसे ह� edge髮े भी दब-बॉदब कर रहने की family में इसा सुराल में भी तो
00:16हिम्मत ही नहीं होती है कुछ बोलने की तो बहुत जो बोल नहीं पाती हूँ
00:23होड़ा सा हम पैदा होते हैं और बाकी बहुत सारा हम बनाए जाते हैं आप थोड़े ही चुप रहे जाती
00:29हैं आपकी माता जी उनकी माता जी उनकी दादी जी उनकी परदादी जी उनकी भी पर-पर-पर-पर-पर
00:38-पर सब चुप रहे हैं वो सब आप में मौजूद हैं आप �
00:44तो आप ऐसी थोड़ी होती और अगर आप अफगानिस्तान में होती इस सवाल पूछने के लिए भी आनी बैठी होती
00:51इस्तिति के मामले में भारत अमेरिका और अफगानिस्तान दोनों के बीच में कहीं पर है पुरानी चीजें एक रास्ते से
00:59आपके भीतर आई है उन्हीं रा
01:14आप मबल बढ़ रहा है आप मबल बढ़े और जितना हो सके दूसरों की मदद करिये जी सब आप अकेली
01:25नहीं है और नजाने कितने है जो भारत की वैदिक महिला है वो बहुत अलग है आज की महिला से
01:33ये सब तो भारती महिला को बना दिया गया ठी नहीं ऐसी
01:40विदान्त महिला को उसकी आवाज वापस लोटाता है
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