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Transcript
00:00प्रहलाद ने थोड़ी सोचा था कि मैं वहाँ बैठ जाओंगा आग में तो मुझे आग लगेगी या बुआ ही जल
00:04जाएगी जो हुआ सो हुआ
00:05फिरन कश्यप ने थोड़ी सोचा था कि मैंने इतनी टाकत अठा लिया मैं तो अजय झाएगी बोला था ना दिन
00:22में न रात में ना अंदर न बाहर
00:25नास्त्र से नाश्त्र से नेकिन तरीका फिर भी निकल आए
00:29आप बैठे होगे बहुत बड़ी अपनी ताकत लेके और घमंड लेके सत्ता लेके तरीका निकल आएगा
00:34और दूसरी और प्रहलाद है जिसको मारने के पूरे तरीके लगा दिये गए तो फिर भी बच गया
00:40यह है होली कम तुम को घबराना नहीं है तुम्हें यह नहीं सोचना कि बहुत बड़ी बड़ी ताक्ते मेरे खिलाफ
00:47है मेरा क्या होगा होंगी बड़ी ताक्ते तुम्हारे खिलाफ तुम सच के साथ हो तुम यह मत देखो तुम्हारे साथ
00:55कौन है तुम यह देखो तुम सच
00:57के साथ हो कि नहीं हो पहला दखेला था कुछ नहीं बिरुड़ा था कुछ नहीं बिरुड़ा था
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