00:00होली शुरू हो चुका है, वहां से ऐसे न्यूज सामने आ रही है कि महिलाओ के साथ अवद्रता, मास्की खपत,
00:06डंग, गुलाल, होली का क्या यही मतलब है?
00:36होली के आसपस, टीवी, एकवार, सोशल मीडिया, शुरू हो गया है सब पर, वही चल रहा है, कि होली माने
00:44यह, जिन लोगों का धर्म से कोई लेना देना नहीं, वो उचल उचल कर नाच रहे हैं, और उसमें कुछ
00:51नहीं है, कामना का नंगा नाच है बस, धर्म समझते नहीं, स
00:59अपने विक्रत कर दिया है, तो इसमें आप होली को दोश मत दे दीजेगा, होली का क्या दोश है, होली
01:05के पीछे की जो कथा है, वो तो बड़ी समर्द है, तो कथा इसलिए कि उससे सीख लो, अंकार की
01:11क्या प्रक्रति प्रवरति होती है, समझो, वो डरा हुआ रहता है, वो
01:29अपने बच्चे को भी आग में डालने को तयार हो जाता है, जीवन के बारे में बहुत कुछ बताती है,
01:37यह कथा है, अगर उन्हें हम ध्यान से समझें, और इन कथाओं को ध्यान से समझेंगे, तो फिर हम तेवहार
01:41को भी ठीक से मना पाएंगे.
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