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यह वीडियो 14 जनवरी 2026 को आयोजित वेदांत सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00मेरे जाजन प्रोसेस जब मैं आपके नजरे से देखता हूँ, तो मुझे लगता है मेरे ज नहीं करनी चाहिए
00:04लेकिन मेरे जाजन इंस्टिटूशन में जब देखता हूँ, सुसाइटी के लिए जरूर ही है
00:08मैं बहुत अन्फ्यूज हूँ, किसको चुनना है, कब किसको चुनना है
00:11ऐसी शादी होनी चाहिए जिसमें आप मौजूद नहीं हो
00:15शादी तो एक संस्था है, ऐसे ऐसे गोल-गोल फेरे ले ले लेते हो, ऐसे गोल लेते हो
00:20या मुसलमानों तो बोलते हो कुबूल है, या चर्च में जाते हो, वहाँ पर अपना खड़े हो जाते हो
00:25और वो किस कर लिया और हो गया अपना
00:27यह तो वो तो एक क्या है, it's a set of prescribed actions
00:32उसमें क्या अच्छा क्या बुरा
00:34कोई मुक्त पुरुष, कोई बुद्ध पुरुष, कहें विवाह करना है
00:38तो उसका विवाह बहुत शुब होगा, auspicious
00:40उसको ऐसे कहा जाएगा फिर ग्रंथों में कि विवाह हुआ
00:44और उपर से देवों ने पुश्प वर्षा करी
00:46पर आप अगर सब कर्मकांड रस्मो रिवास के साध्वी विवाह करो
00:53तो वो गंदई होता है
00:54क्या क्या तो घुसा हुआ है उसमें
00:57जाती, धर्म, गोत्र, दहेज, शरीर, सेक्स, हवस, असुरक्षा, possessiveness
01:04तो इविवाह कहां से शुब हो जाएगा
01:06लेकिन यह सब भी तो प्रकृत कही देन है तो
01:09नहीं, नहीं, नहीं, नहीं, नहीं, यह अहंकार द्वारा पैदा की गई विक्रती है
01:17गडबड वो होता है जो मैरिज में इसलिए आता है
01:20क्योंकि उसे किसी को पकड़ना है, दबाना है, ऊन करना है, possess करना है, control करना है, बांध के रखना
01:26है
01:26रिष्टे को दुनिया की नजर में legitimize करना है
01:29कानूनी माननेता चाहिए, सामाजेक और धार्मिक माननेता चाहिए
01:33यह वो गडबड आदमी है जिसको हटाना है
01:36शादी बहुत अच्छी बात है, इन सब वजहों के अलावा जब कोई वजह पा जाओ, तो शादी करो, ना करो,
01:43जो करना है करो
01:44प्रेम में भी अगर तुम मौझूद हो, तब प्रेम खिनोना बन जाता है
01:49प्रेम में तुम नहीं मौझूद हो, तो फिर हम कहते हैं, love divine
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