00:00मिडिलीज की बरते तनाव और युद्ध के खत्रे का असर अब दुनिया की अर्थविवस्ता के साथ साथ भारती शेयर बाजार
00:06पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
00:08पिछले कुछ दिनों में बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है और निवेशकों की बड़ी रकम दूप चुकी है।
00:38भी इस सौधी में करीब 7.50 फीजदी या फिर कहें 1930 पॉइंट गिर चुका है।
00:44बाजार में इस गिरावट के पीछे की काप मुख्य कारण मेडिली लीश्ट में हुई टेंसन को माना जा रहा है।
01:03जब भी मिडिली इस में तनाव बढ़ता है तो तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ जाती है।
01:09क्योंकि यह अक्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक छेत्रों में से एक है।
01:13तेल की कीमतों में तेजी आनिक से निवेशकों की चिंता और बढ़ जाती है।
01:17क्योंकि इसका सीधा असर आर्थ बेवस्था पर पढ़ता है।
01:24क्योंकि भारत अपने जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्छे तेल के रूप में पूरा करता है।
01:29अगर तेल महगा होगा तो इसका असर पैट्रोल, डीजल की कीमतों, परिवहन लागत और रोजमर्रा की चीज़ों पर बढ़ सकता
01:35है।
01:36यानि महगे तेल का मतलब है महगाई बढ़ने का खत्रा।
01:39यही वज़ा है कि जब तेल की कीमतों में तेजी आती है तो शेयर बाजार में अकसर दबाव देखने को
01:45मिलता है।
01:45इस दोरान कई बड़े सिक्टरों के सेयर लाल लिसान के कारोबार करते दिखाए दिते हैं।
02:15निवेशक अकसर सोना डॉला या दूसरे सुलक्षित निवेशक बिकलफों की ओर रुख करते हैं।
02:20जानकारों के कहना है कि फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक मिडल इस्ट की इस सिदी पर निर्भर करेगी।
02:26अगर वहाँ तनाव कम होता है तो बाजार में रहात देखने को मिल सकती है।
02:30लेकिन अगर संगर्ष और बढ़ता है तो इसका असर तेर की कीमतों और बैस्विक बाजार पर गहरा सकता है।
02:40यानि साफ है कि मिडल इस्ट में जारी तनाव अब सिर्फ एक छेत्री संगर्ष नहीं रह गया।
02:44इसका असर अब बैस्विक अर्थब्योस्था ऊर्जा बाजार और निवेसको की संपत्ती तक पहुँच चुका है।
02:49और यही वज़ा है कि फिलाल बाजार में सतकता और अनिशित्ता का महौल है।
02:53फिलाल के बसतना ही बाक्ते अपडेट भी बने रही है वन इंडिया हैंदी के साथ।
Comments