00:00शेर बाजार में फिर मचा हाहाकार
00:04युद्ध की वज़े से शेर बाजार क्रैश
00:07सेंसेक्स खुलते ही सत्रा सो अंक तूटा
00:11भारतिये शेर बाजार में आज ऐसा भूचा लाया कि निवेशिकों के करोडों नहीं बलकि लाखों करोड रुपे मिंटों में साफ
00:18हो गए
00:18सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के साथ बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली
00:23और देखते ही देखते निवेशिकों के करीब आठ लाख करोड रुपे डूब गए
00:28रिपोर्ट्स के मुताबिक सेंसेक्स में 1500 से 1700 अंकों तक की गिरावट दर्ज की गई जबकि निफ्टी भी 2 प्रतिशत
00:35से ज्यादा तूट गया
00:36ये गिरावट सिर्फ बड़े शेरों तक सीमित नहीं रही बलकि मिड कैप और स्मॉल कैप शेरों में भी 3 प्रतिशत
00:42तक की गिरावट देखने को मिली
00:43जिससे पूरे बाजार में डर और अनिश्चित्ता का माहौल बन गया
00:47इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण बताय जा रहे हैं जिनमें सबसे बड़ा कारण मिडल इस्ट में बढ़ता तनाव
00:53है
00:53अमेरिका, इरान और इस्राइल के बीच जारी संगर्ष ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल पैदा कर दिया है
00:59जिससे निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं
01:02इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रती बैरल के पार पहुँच गई है
01:07जिससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देश पर दबाव बढ़ गया है
01:11रुपया भी रेकर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया है जिससे विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसा निकालना शुरू कर
01:18दिया है
01:18आंकडों के मुताबिक विदेशी निवेशक मार्च में ही लाखों करोड रुपय निकाल चुके हैं
01:23जिससे बाजार पर और दबाब बढ़ा है
01:25इस वक्त भारत जैसे देश के लिए ये स्थिती और भी गंभीर है
01:29क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है
01:33यानि जैसे ही तेल महंगा होता है तो देश का खर्च बढ़ता है
01:37रुपया कमजोर होता है और महंगाई बढ़ने का खत्रा पैदा हो जाता है
01:40यही वज़ा है कि शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा कमजोर पढ़ रहा है
01:45वहीं जानकार मानते हैं कि अगर मिडल इस्ट में तनाव और बढ़ता है
01:48और खास कर हॉर्मूल स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होती है तो तेल की कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती है
01:54फिलहाल बाजार में भारी उतार चड़ाव जारी है, निवेशक सतर्क है और पूरी दुनिया की नजर अब मिडल इस्ट के
02:00हालात पर तिकी है
02:01क्योंकि ये सिर्फ एक युद्ध नहीं, बलकि वैश्विक अर्थ विवस्था के लिए बड़ा खत्रा बनता जा रहा है
02:06इस पूरे घटना करम ने ये साफ कर दिया है कि शेर बाजार अब सिर्फ घरेलू फैक्टर से नहीं, बलकि
02:11ग्लूबल हालात से भी गहराई से प्रभावित हो रहा है
02:14जब वैश्विक स्तर पर युद्ध, महंगा तेल, गिरता रुपया और विदेशी निवेश की निकासी जैसे फैक्टर एक साथ हाते हैं,
02:21तो बाजार में ऐसी बड़ी गिरावट देखने को मिलती है
02:24विशेशग्य मानते हैं कि अगर मिडल इस्ट का तनाव और बढ़ता है, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है
02:29वहीं अगर हालात सामान्य होते हैं, तो रिकवरी भी संभव है
02:32फिलहाल निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इस अस्थिर्ता के दौर में कैसे सही फैसला लिया जाए
02:38क्योंकि बाजार में उतार चड़ाव अभी कुछ समय तक जारी रहने की आशंखा जताई जा रही है
02:43फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए वन इंडिया हिंदी के साथ
03:06सब्सक्राइब तो वन इंडिया और नेवर मिस अपडेट
03:11डाउनलोड तो वन इंडिया अपनाव
03:13कर दो
03:14कर दो