Skip to playerSkip to main content
आंध्र प्रदेश सरकार की नई जनसंख्या नीति ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तीसरे बच्चे पर 30 हजार और चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपए देने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि घटती जन्म दर और बढ़ती बुजुर्ग आबादी भविष्य में अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है। क्या भारत अब “हम दो, हमारे दो” से आगे बढ़ रहा है? क्या इस फैसले का संबंध लोकसभा परिसीमन और दक्षिण भारत की राजनीति से भी है? इस वीडियो में जानिए Andhra Population Policy, जनसंख्या संतुलन और नायडू सरकार की नई स्कीम की पूरी कहानी।

Andhra Pradesh Chief Minister Chandrababu Naidu has sparked a nationwide debate after announcing cash incentives for larger families. Under the proposed policy, families may receive ₹30,000 for a third child and ₹40,000 for a fourth child. The government says falling birth rates and an aging population could create long-term economic challenges. Naidu also emphasized that children should be viewed as the nation’s strength, not a burden. Is India moving away from population control policies? This video explains the Andhra Population Policy, demographic concerns, maternity leave reforms, and the political discussion surrounding the announcement.

#AndhraPradesh #ChandrababuNaidu #PopulationPolicy #IndiaNews #BreakingNews #PopulationControl #AndhraScheme #PoliticsNews #TrendingNews #BirthRate

~HT.410~PR.540~ED.108~

Category

🗞
News
Transcript
00:00एक समय था जब देश में नारा चलता था, हम दो, हमारे दो, सरकारें लोगों को कम बच्चे पैदा करने
00:07के लिए जागरुप करती थी, लेकिन अब आंध्रप्रदेश में तस्वीर बदलती नजर आ रही है, यहां सरकार ज्यादा बच्चे पैदा
00:14करने पर इनाम देने की तय
00:16प्यारी में है, तीसरे बच्चे पर 30,000 रुपए और चौथे बच्चे पर 40,000 रुपए देने का एलान कर,
00:22मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नाइडू ने नई बहस छेड़ दी है, श्रीका कुलम जिले में एक जन सभा के दौरान, चंद्रबाबू नाइडू
00:30ने कहा कि सम
00:43और संपत्ती के रूप में देखा जाना चाहिए, नाइडू ने ये भी बताया कि सरकार जल्द ही इस योजना की
00:49पूरी जानकारी जारी करेगी, दरसल आंध्र सरकार का मानना है कि अगर जन्मदर लगातार गिरती रही, तो आने वाले समय
00:57में राज्य और देश दोनों को म�
01:04कम होने और बुजूर्गों की संख्या बढ़ने से अर्थ व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है, बहां काम करने वाले युवाओं
01:10की कमी हो रही है और इसका असर उद्योग, कारोबार और विकास पर दिख रहा है, इसी सोच के साथ
01:17आंध्र सरकार पहले भी दूसरे बच
01:31सामने आने के बाद इस मीती को लेकर पूरे देश में चर्चा शुरू हो गई है।
02:01कहा था कि ये फैसला महिलाओं को नौकरी और परिवार के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगा, साथ ही इससे
02:07जन संख्या संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
02:10उनका कहना था कि भारत में भी धीरे धीरे युवाओं की संख्या घटने और बुजुर्ग आबादी बढ़ने की चिंता सामने
02:16आ रही है।
02:17इसलिए अभी से लंबी अवधी की जन संख्या नीती पर काम करना जरूरी है।
02:22लेकिन इस पूरी योजना के पीछे सिर्फ जन संख्या का सवाल ही नहीं देखा जा रहा।
02:26राजनीतिक गल्यारों में इसे लोकसभा परिसीमन से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
02:31दरसल दक्षिनी राज्यों को लंबे समय से डर है कि अगर भविश्य में जन संख्या के आधार पर परिसीमन हुआ
02:37तो उनकी लोकसभा सीटें कम हो सकती है।
02:39क्योंकि दक्षिन भारत के कई राज्यों ने जन संख्या नियंतरण पर ज्यादा काम किया है।
02:44जबकि हिंदी भाशी राज्यों की आबादी तेजी से बढ़ी है।
02:47हालाकि केंद्र सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा।
02:53ग्रिह मंत्री अमित शहा ने संसद में कहा था कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी और सभी राज्यों का
02:59संतुलन बनाया रखा जाएगा।
03:01फिलहाल आंद्र प्रदेश की ये नहीं नीती देश भर में चर्चा का विशय बनी हुई है।
03:06कुछ लोग इसे भविश्य की जरूरत बता रहे हैं तो कुछ इसे राजनीती से जोड़ कर देख रहे हैं।
03:11लेकिन इतना तय है कि कम बच्चे की सोच से ज्यादा बच्चे को बढ़ावा देने तक का ये बदलाव अब
03:17देश में नई बहस को जन्म दे चुका है।
Comments

Recommended