00:12हरिद्वार के गंगा घाट पर सूला माई को ऐसा द्रिश्य देखने मिला जुसे देखकर वहां मौजूद लोग अपनी आखों से
00:18आसू रोक नहीं पाई
00:20अपढ़ना याद हो अपने पती प्रतीक यादों के अस्थिवी सर्जन के दौरान फूट फूट कर रोते दिखाई पड़ी
00:26हुआ कोछी यूँ माँ गंगा की लहरों के बीच एक छोटी बच्ची कापते हाथों से पिता के लिए लिखा एक
00:33छोटा सा कार्ड बाहार ही थी
00:50सबसे दर्दनाक और भावुक पल बन गया समाजवादी पाटिसंस था पक मुलायम सिंग यादों के बेटे और भाजपा ने दा
00:57पढ़ना यादों के पती प्रतीक यादों के अस्थियां शनिवार को यानि भीते दिन हरिद्वार में पूरे विधिविधान से मागंगा में
01:04विसरजित की गई लेकिन यहां सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं थी ये एक परिवार के टूटने एक पत्नी के बिछणने
01:11और एक बेटी के अपने पिता को आखरी बार अलविधा कहने का पल था
01:16सुबह से ही हरिद्वार की घाट पर भारी भावुक महौल था
01:19परिवार के सदस से चुपचाप गंगा किनारे बैठे थे
01:22किसी की आखे लाल थीन तो कोई लगतार खुद को संभालने की कोशिश कर रहा था
01:27अपड़ना बेहद शांक दिखाई दे रही थी
01:29लेकिन उनके चहरे का दर्द साफ बता रहा था कि भीतर कितना तुफान चल रहा है
01:35पूरे विदि विधान के साथ पंडितों ने गंगा पूजन कराया
01:38वैदिक मंत्रों के बीच प्रती क्यादों की अस्थिया कलश से निकाली गई
01:42परिवार ने फूल अर्पित किये और मा गंगा से उनकी आत्मा की शांती की प्रार्थना की
01:47लेकिन तभी घाट पर मौजूद लोगों की नजर उनकी बच्चीव पर पड़ी
01:50वहाँ टिक गई नजरे क्योंकि वो पती क्यादों की बेटी थी
01:55उसकी हाथ में एक छोटा सा सफेद कार्ड था
01:58उस कार्ड पर लाल रंग से दिल बना था और लिखा था लव्यू पापा
02:03शायद उसे अभी पूरी तर समझ नहीं आ रहा था कि मौत क्या होती है
02:06लेकिन इतना जरूर समझ आ गया कि उसके पापा अब कभी वापस नहीं आएंगे
02:11जैसे ही अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया गया
02:14बेटी ने भी कामते हाथों से वो कार्ड मा गंगा की धारा में छोड़ दिया
02:18कार्ड धीरी धीरे पानी में बहता चला गया और उसी के साथ वहां मौजूद लोगों का दिल भराया
02:24कई लोग अपनी आखे पोशते नजर आए घाट पर खड़ी महिलाए रोने लगी
02:28कुछ लोग बस चुप चाप उस बच्ची को देखती रहे
02:32अपड़ना यादाव अपनी बेटी को देख कर खुद को संभाल नहीं पाए
02:35उन्होंने तुरंद बेटी को अपनी तरफ कीचा सीने से लगा लिया
02:39मा बेटी तो उनों घाट पर फूट-फूट कर रोने लगी
02:42ये द्रिश इतना भावुक था कि कुछ देर के लिए पूरा घाट जैसे शान्त हो गया
02:47बताया जा रहा है कि अस्थिवी सरजन के दौरान परिवार के करीवी सदसे भी मौजूद रहे
02:52सभी ने प्रतीक यादाव को नम आखों से विदाई दी
02:55घाट पर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी लेकिन वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी तक इस द्रिश्य को देखकर भावुक नजर
03:02आए
03:03प्रतीक यादाव की अचानक हुई मौत ने पहले ही पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है
03:08फिटनेस प्रेमिय और शान सुभाव के लिए पहचाने जाने वारे प्रतीक राजनीती से दूर रहते थे
03:13उन्होंने हमेशा लोग प्रफाइल जिंदगी पसंद की लेकिन उनके निधन ने यादो परिवार के भीतर एक बड़ा खाली पन छोड़
03:22दिया
03:23हरिद्वार पहुँचे लोगों का कहना था कि उन्होंने अपने जीवन में कई अस्तिवी सरजन देखे होंगे लेकिन एक छोटी बच्ची
03:28को अपने पिता के लिए लव्यू पापा लेकर आखरी विदाई देते पहली बार देखा है
03:33लोगों का कहना था कि ये सिर्फिक कार्ड नहीं था बलकि एक बेटी के टूटे हुए दिल की आवाज थी
03:38कहा जाता है कि मा गंगा हर दुख को अपने साथ बहा ले जाती है
03:42लेकिन सोलमाई को जो हरीदवार की घाट पर आसु बहते बता रहे थे कि कुछ दर्द ऐसे होते हैं
03:49जुनें समय भी शायद कभी पूरी तरह भर नहीं बाता
03:52एक तरफ गंगा की शांत लहरे थी दूसरी तरफ एक परिवार का बिखरता हुआ संसार
03:57प्रती क्यादव अब इस दुनिया में नहीं है
04:01लेकिन उनकी बेटी का वो छोटा सा काड़ शायद हमेशा लोगों के दिलों में जंदा रहेगा
04:06क्योंकि पिता सिर्फ परिवार का हिस्सा नहीं होता
04:09वो बच्चों की पूरी दुनिया होता है और बच्चे भी पता के लिए पूरी दुनिया होती है
04:13और जब वही दुनिया अचानक छेंड जाए तो शब्द नहीं सर्फ आंसु बोलते हैं
04:39झाल
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