00:10There was a girl named Gauri.
00:17Gauri was a very good girl and a great girl.
00:23जबरे जंगल के पास गाऊं के लोग उस जंगल में कम ही जाते थे क्योंकि वे सोचते थे कि वहाँ
00:31खतरनाक जाणवर रहते हैं लेकिन गौरी को जंगल से बिलकुल डर नहीं लगता था उसे पेडों की सरसराहट पक्षियों की
00:41चहसाहट और ठंडी हवाब बहुत पसंद थी
00:44एक दिन गौरी अपनी दादी से बोली
00:47दादी क्या मैं जंगल के किनारे तक खेल कर आ सकती हूँ
00:52दादी ने मुस्कुराते हुए कहा
00:54ध्यान से जाना और दूर मत जाना
00:57गौरी खुशी-खुशी जंगल की ओर चल पड़ी
01:01वहाँ पहुचकर उसने देखा
01:03कि एक छोटा सा हिरन का बच्चा जाडियों में फसा हुआ है
01:08वो डर के मारे कांप रहा था
01:10गौरी ने धीरे से कहा
01:12डरो मत मैं तुम्हारी दोस्त हूँ
01:15उसने सावधानी से जाडियों को हटाया
01:18और हिरन को आजाद कर दिया
01:20हिरन खुश होकर जंगल की ओर भाग गया
01:24लेकिन थोड़ी देर बाद वो फिर लोटा
01:27इस बार अपने साथ और भी छोटे-छोटे जानवर लेकर
01:31जैसे वे गौरी को धन्यवाद कहने आये हो
01:35अचानक आस्मान में बादल छागे
01:37और तेज बारिश शुरू हो गई
01:39गौरी घबरा गई
01:41उसे घर का रास्ता ठीक से याद नहीं आ रहा था
01:45तभी वही हिरन आगे-आगे चलने लगा
01:47जैसे उसे रास्ता दिखा रहा हो
01:50गौरी उसके पीछे-पीछे चलती गई
01:53और कुछ ही देर में वो गाओं के पास पहुँच गई
01:56गाओं वालों ने जब देखा कि गौरी सुरक्षित लोटाई है
02:00तो सब खुश हो गए
02:01गौरी ने सब को बताया
02:04कि जंगल की जानवर बुरे नहीं होते
02:06बस उन्हें प्यार और दया की जरूरत होती है
02:10उस दिन के बाद गाओं के लोग जंगल से डरने के बजाए उसका सम्मान करने लगे