00:00रिशिकेश में पहले हमारे खूब हुआ करते थे शिविर, खूब, तो हाँ लक्षमन जूला, राम जूला, फिर बाद में जानकी
00:07सेतु भी बना, विशेश कर लक्षमन जूला पे कौन-कौन गए हैं, देखा बंदर ही बंदर, बंदर ही बंदर, वो
00:14आप निकल रहे होते हो,
00:15लक्षमन जूला सबसे पतला सा था, क्योंकि बहुत पुराना है, सकरा है, और आप निकल रहे हो, यहाँ बगल में
00:19बैठा हुआ है, तो एक बार एक दीदी, वो शायद पहली बार आई होंगी, रिशिकेश, वो इतने सारे केले लेके
00:26चल रही है, और बंदर, बंदर बिलक�
00:50पहले पहले, बाहले पहले है, पहले में बाहले है,वो इतन बार एक है, टुम्हें पहले है, बॉप इंपर कामनने
01:02ने पीछे लगा,
01:04है! drop it! मैं मजबूर हूँ मेरे उपर तो बंदर चढ़ाए! तुम्हारे उपर नहीं
01:08चढ़े है केले पे चढ़े है drop it! तुम्हें मजबूर हमेशा तुम्हारा लालच करता है
01:14drop it! अब कोई मजबूर ही नहीं कोई सामने खढ़ाओ कुछ छीनने के लिए और धंकी
01:19देकर भया दोहन कर रहा हो तुम्हारा
01:22मेरी बात मान नहीं तो यह छीन लूँगा
01:24तो क्या करो ले
01:25वो गिर गई शौल बिखर गई उनकी
01:28सब हो गया एका चूड़ी उड़ी भी तूट गई
01:30सब दुर्गति करा ली
01:31और केले सब ले गए बंदर
01:34और ऐसे मस्खरे बंदर जिस पॉलिथीन में केला लेके गए थे
01:38वापस आए पॉलिथीन उन्हीं के पाथ चोड़ गए
01:43शातिर पूरा इतना भरे हुए उन्हीं एक दरजन कम से कम
01:47एक पॉलिथीन में वो पूरा लेके गए पहले
01:49सब का उधोड़ा करा यह वो उसके बाद एक आया वो पॉलिथीन वो वह आपस रहा हुए
01:56सब्सक्राइब आ रहे यह बात ही है
01:57क्यों किसी पर आश्रित रहना है क्यों किसी के भरोसे जीना
02:01जगत जब तक कुछ दे रहा है तो दे रहा है
02:04लेकिन जैसे ही जो तुमें दुनिया से मिल रहा है
02:08वो बोज बनने लगे
02:09ड्रॉप इट
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