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Ramzan Me Maut Ki Fazilat: अगर किसी इंसान का इंतकाल रमज़ान के मुक़द्दस महीने में हो जाए, तो क्या उसे क़ब्र का अज़ाब होता है या नहीं? क्या रमज़ान में मौत पाना वाकई बहुत बड़ी फ़ज़ीलत है? और इस बारे में इस्लाम क्या कहता है? आज हम आपको बताएंगे अहले सुन्नत वल जमाअत के अक़ीदे के मुताबिक रमज़ान में इंतकाल की सच्चाई — पूरे हवाले और समझ के साथ।”Ramzan Me Maut Ki Fazilat,Aana Kaisa Hai: Inteqal Hona Kaisa Hai ?

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00:00अगर किसी इन्सान का इंतकाल रमजान के मुकदस महीने में हो जाए तो क्या उसे कबर का अजाब होता है
00:07या नहीं?
00:08क्या रमजान में मौत पाना वाकई बहुत ही फजीलत है?
00:11और इस बारे में इसलाम क्या कहता है?
00:13आज हम आपको बताएंगे कि एहल नुस्सत वल जमात के अकीदे के मताबे रमजान में इन्तकाल की सच्चाई, पूरे हवाले
00:22और समझ के साथ रमजान को रहमत, मगफीरत और निजात कम महीना माना गया है
00:27इस महीने में अल्ला अपनी रहमत खास तोर पर नाजल फरमाते हैं
00:31पतावा की किताब में ये लिखा गया है कि अगर कोई फासे के व्यक्ति भी रमजान में इन्तकाल कर जाए
00:37तो अल्ला उसकी वज़ह से उसके कबर के अजाब को हलका कर देते हैं
00:41और कुछ रिवायतों में आता है कि कियामत तक उससे अजाब उठा लिया जाता है
00:46अगर किसी का इंतकाम जुमे के दिन हो तो उसे दिन उसका अजाब हटा दिया जाता है
00:52लेकिन बाद में फिर अजाब होता रहता है
00:54जबकि रमजान के महीने में इंतकाल को इससे भी जादा बड़ी फजीलत बताए गया
00:59अहल सुन्नत वल जमाद के मताबिक
01:02अगर किसी व्यक्ति का इंतकाल रमजान में हो जाये तो ये बहुत ही बड़ी खुशनसीबी की बात है
01:07क्योंकि उससे कबर का अजब हटा दिया जाता है
01:10इसलाम में आखरी फैसला सिर्फ अल्ला ताला करते है
01:13किसे जन्नत में लेगी है जहन्नम ये केवल अल्ला जानते है
01:17इसलिए सबसे जरूरी है इंसान अपनी जन्दगी में नेक आमाल करें
01:21तौबा करें और अल्ला से जुड़ा रहें
01:23रमजान में इंतकाल होना बहुत बड़ी फजीलत और रहमत की निशानी है
01:27लेकिन असली कामियाबी इस बात में है
01:29कि हम रमजान को पाकर अपनी जन्दगी सुधार लें
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