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Phulera Dooj 2026: Phulera Dooj 2026 will be celebrated on 19 February. On this day, Holi festivities begin in Braj with the tradition of playing Holi with flowers. It is believed that Lord Shri Krishna played flower Holi with Radha Rani. This day is considered a symbol of love, devotion, and positive energy.

Phulera Dooj 2026: फुलेरा दूज 2026, 19 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन ब्रज में फूलों की होली खेलकर होली उत्सव की शुरुआत होती है। मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने राधा रानी संग फूलों की होली खेली थी। यह दिन प्रेम, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

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~HT.410~PR.396~ED.532~

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Transcript
00:03हिंदू धर्म में तेहवारू का सिलसिला बसंत पंचमी से शुरू हो जाता है लेकिन होली की असली रंगा तो फुलेरा
00:10दूज से आती है
00:11साल 2026 में 19 सुरवरी को मनाई जाने वाली फुलेरा दूज को प्रेम और भक्ति का सबसे पावन दिन माना
00:18गया है
00:18लेकिन क्या आप जानते हैं कि रंगों के गुलाल से पहले फुलो की होली खेलने की परंपरा क्यों शुरू हुई
00:23तो यह आपको आज किस वीडियो में हम बताते हैं कि अखिर फुलेरा दूज पर क्यों खेली जाती है फुलो
00:28की होली
00:29लेकिन उसे पहले नमशकार मासतोश रबोल्सकाई देख रहे हैं
00:3219 फरवरी 2026 को मनाई जाने वाली फुलेरा दूज का हिंदु धर में बहुती प्रेमपुर्ण स्थान है
00:39यदिन ब्रज की उन प्राचिन परंपराओं की याद दलाता है जोहां रंगों की गुलाल से पहले फुलो की वर्षा करके
00:45होली का उच्सव शुरू किया जाता है
00:47अब ब्रज की लोक माननेताओं के नुसार रंगो वाली होली खेलने से पहले फुलो का उप्योग करने के पीछे एक
00:53बहुती सुन्दर भाव छेपा है
00:55फुलो प्रकृती की सबसे शुद्ध और सुन्दर रचना माने जाते हैं जो कुमलता और सुगंद का प्रतीक होता है
01:02वही भगवान शुर कृष्ण को फुलो से सजाना और उन पर पुष्ट पवर्षा करना इस बात का संकेत है कि
01:08हम अपने जीवन को भी फुलो की तरब महकता हुआ और दूसरों के लिए सुखद बनाना चाहते हैं
01:13वे रंगों का गुलाल थोड़ा गहरा और चटक होता है जबकि फुल मन को शांत और स्थिर रखने में मदद
01:19करते हैं
01:20अभी ही कारण है कि ब्रज के मंदिरों में सबसे पहले फुलोक वाली होली खेली जाती है ताकि भक्त का
01:25मन पहले भक्ती के सुगंद से भर जाया और फिर वह रंगों के उत्सव में डूप सके
01:29वहीं फुलेरा दूज के हिसा शुब आउसर पर घर में भी फुलो का उपयोग करके वातावरण को पवित्र बनाया जाता
01:35है अब इस दिन अपने घर के मंदिर में श्रीकृष्ण और राधाजी के प्रतिमा को ताजे फुलो से सजाए और
01:41उन्हें माखन मिश्री का भोग ल
01:59का ध्यान करें अब ध्यान रहे कि पूजा के दोरान अपने मन को पूरी तरह शांत रखे और किसी के
02:05लिए भी करवे शब्दों का परियोग ना करें तो दोस्तों फिलाल इस वीडियो में इतना ही आपको ये जौन कारी
02:14कैसे लगी हमें कमेंट में लिखकर ज़रूर देएग
02:16कर दो कर दो कर दो दो है
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