00:00रोजे दारों को रमजान का पाक महीना मुबारक हो
00:04इस महीने में सुबह फजर की नमाज से पहले सहरी के बाद रोजा रखते हैं
00:09इसके बाद पूरे दन भूखे प्यासे रहकर अल्ला की अबादत और अपने कर्म को करते हुए
00:14शाम को मगरीब की नमाज के बाद इफतार किया जाता है
00:18ऐसे में रोजा को रखने और खोलने से पहले दूआ पहना बेहत जरूरी है
00:22रोजा रखने से पहले सहरी के वक्त नियत करना जरूरी है
00:26क्योंकि ये पैगंबर मुहमत की सुन्नत है
00:29आपको अपने स्क्रीन पर रोजा रखने की दूआ नजरा रही होगी
00:33इसे पढ़कर ही रोजे के शुरुआत की जाती है
00:37ऐसा आपको रोजाना फूरे महिने करना होगा
01:05महीं जब सूरज दूब जाता और मगरीब की अजान होती है
01:09तब रोजा खोलते हैं
01:10इफ्तार के वक्त दूआ पढ़ना सुन्नत माना गया है
01:13और इस वक्त दूआ कबूल होने की उमीद भी जादा होती है
01:17ध्यान रहे
01:18रमजान को रहमत मगफीरत और जहन्नम से नजात का महीना कहा गया है
01:22इस महीने में कुरान शरीफ नाजल हुआ था
01:25रोजा रखने का मकसद से भूका प्यासा रहरा नहीं
01:28बलकि खुद को बुराइयों से बचाना और अपनी आत्मा को पाक करना है
01:32रोजा इंसान को सबर सिखाता है
01:34ऐसे में इंसान के अंदर शुक्र गुजारी पैदा होती है
01:37उमीद करती हूँ कि अल्ला आपके रोजे की दुआ भी जरूर कबूल करे
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