00:00अगर बगवान करोधित हो जाए तो क्या धर्ती उन्हें सहपाएगी उस समय अधरम इतना भड़ चुका था कि मासुमों की चीखे अकास तक नहीं पहुंच पा रही थी मंदिर तूट चुके थे शंक मोन थे और बगवान खामोश लोग सोचने लगे क्या बगवान ने हमें �
00:30किसी राक्षर से नहीं था जे जुद मनुश्य के हंकार से था जब बगवान लड़ते हैं तो अधरम को पलवड में मिटा देते हैं जाद रखना बगवान देर से आते हैं लेकिन जब आते हैं तो सब कुछ बदल जाता है बगवान हमेशा शांत नहीं होते जब अधरम अ�
01:00सत्या
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