00:00बगवान की खमोशी का सच जब बगवान चुप रहते है तो समझ लो कुछ बड़ा होने बाला है अंदेरी रात थी दिये की लोग काम पर रही थी एक बक्त जमीन पर बैठा काम ते स्वर में बोला है प्रभू अगर आप है तो मेरी जिंदगी इतनी पीरादायक क्यूं है अ
00:30गुंजती अवाज आई मैं तब भी था जब तू तू तू तू रहा था मैंने तेरे आंसु देखे तेरी चीखे सुनी मगर अगर मैं तभी बोल देता तो तू मजबूत कभी नहीं बनता भक्त डर और सर्दा से काम उठा तो प्रभू आप चुप क्यूं थे अवाज गु
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