00:00खाहा जाता है की पूरी दाम में बिराजमा जगर नाजिस वेम सिरी क沒錯
00:05का ही सबरूप है एक वार हनुमान जी के मन में शोई कि वे भी प्रभू के सबरूप
00:10करें हनुमान जी राम नाम का जाब करते हैं पूरी पहुंचे लेकिन मंदीर द्वार पर पहुंच
00:15ही द्वार पालों ने रोक लिए द्वार पर बोले जहां केवल उनी को परवेश मिलता है जिनके
00:20रिद्दे में केवल जगनास जी बसे हो जे सुनका हनुमा जी मुस्कुराए और बोले मेरे है रिद्दे में तो
00:25सदा सीजी रामेदवार पालों ने अन्दा जाने से मना कर दिया हनुमा जी बिना करोद किया
00:30मंदिर के बार बैठके और आवनाम का सिम्रन करने लगे चौमत कार मंदिर के गर्व ग्रह में अच्छा
00:35बगवान जगर नाजी की मूर्ती हिनने लगे पुजारी गबरा गे बगवान की बाने की बाने लगे है
00:40गुन जी जब तक मेरे प्रीय बक्त हनुमान जी बाहर में स्टिर नहीं रह सकता
00:45तुरंत हनुमान जी को अंदर बुलाया गया जैसे ही हनुमान जी ने गरब गरह में परवेश किया
00:50जगरनाजी ने कहा हनुमान मैं शिरी राम और क्रिशन दोनों हूं बक्ती रूप
00:55बदलती है लेकिन प्रेम एक ही रहता है हनुमान जी ने बिन्ने होकर
01:00कहा प्रभु आप जिस रूप में भी हो मैं आपका ही दाच हूं शिक्षा
01:05कठा से हमें सीख मिलती है कि इश्वर के रूप अलग हो सकते हैं लेकिन
01:10सच्ची बक्ती और प्रेम एक ही होता है जो राम का बक्त है बही क्रिशन
01:15का भी है जो राम का सच्चा बक्त है बही जगनात जीक का भी
01:20है ऐसी ही कहानिया सुनने के लिए जैटा करया जाच
01:25हमारे चैनल को लाइक, शियर और सबस्क्राइब
01:30जरूर करे, जै शिरी राम, जै जगरनाद
01:35जाइक, जै जै जै जगरनाद
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