Skip to playerSkip to main content
पुरी के जगन्नाथ मंदिर में हनुमान जी के साथ घटी एक चमत्कारी घटना!
जब द्वार पर हनुमान जी को रोक दिया गया, तब भगवान जगन्नाथ जी स्वयं बोले—
“मेरा भक्त बाहर है तो मैं स्थिर नहीं रह सकता!”
यह कथा सिखाती है कि राम और कृष्ण अलग नहीं, सच्ची भक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति है।
पूरा वीडियो अंत तक देखें 🙏✨
#hanumanji #hanuman #jagannath #jagannathtemple #jaijagannath #sanatandharma #sanatan #shortsfeed #shortsfeed #mythology #spiritualshorts #hindumythology #indianmythology #krishna #krishnabhakti #krishnabhakti #krishnabhajan #krishnastatus #spiritualshorts #spiritualstory
Transcript
00:00खाहा जाता है की पूरी दाम में बिराजमा जगर नाजिस वेम सिरी क沒錯
00:05का ही सबरूप है एक वार हनुमान जी के मन में शोई कि वे भी प्रभू के सबरूप
00:10करें हनुमान जी राम नाम का जाब करते हैं पूरी पहुंचे लेकिन मंदीर द्वार पर पहुंच
00:15ही द्वार पालों ने रोक लिए द्वार पर बोले जहां केवल उनी को परवेश मिलता है जिनके
00:20रिद्दे में केवल जगनास जी बसे हो जे सुनका हनुमा जी मुस्कुराए और बोले मेरे है रिद्दे में तो
00:25सदा सीजी रामेदवार पालों ने अन्दा जाने से मना कर दिया हनुमा जी बिना करोद किया
00:30मंदिर के बार बैठके और आवनाम का सिम्रन करने लगे चौमत कार मंदिर के गर्व ग्रह में अच्छा
00:35बगवान जगर नाजी की मूर्ती हिनने लगे पुजारी गबरा गे बगवान की बाने की बाने लगे है
00:40गुन जी जब तक मेरे प्रीय बक्त हनुमान जी बाहर में स्टिर नहीं रह सकता
00:45तुरंत हनुमान जी को अंदर बुलाया गया जैसे ही हनुमान जी ने गरब गरह में परवेश किया
00:50जगरनाजी ने कहा हनुमान मैं शिरी राम और क्रिशन दोनों हूं बक्ती रूप
00:55बदलती है लेकिन प्रेम एक ही रहता है हनुमान जी ने बिन्ने होकर
01:00कहा प्रभु आप जिस रूप में भी हो मैं आपका ही दाच हूं शिक्षा
01:05कठा से हमें सीख मिलती है कि इश्वर के रूप अलग हो सकते हैं लेकिन
01:10सच्ची बक्ती और प्रेम एक ही होता है जो राम का बक्त है बही क्रिशन
01:15का भी है जो राम का सच्चा बक्त है बही जगनात जीक का भी
01:20है ऐसी ही कहानिया सुनने के लिए जैटा करया जाच
01:25हमारे चैनल को लाइक, शियर और सबस्क्राइब
01:30जरूर करे, जै शिरी राम, जै जगरनाद
01:35जाइक, जै जै जै जगरनाद
Comments

Recommended