00:00रश्रीती गलियारों में जब एक दिगज खिलाड़ी अपनी ही टीम की लक्षमन रुएखा की बात करने लगे तो समझ लीजिए अंदरूनी दलारे अब इतनी गहरी हो गई कि जिन्हें शब्दों की चाशनी से धकना मुश्किल हो गया
00:13सही पहचान रहे हैं आप बात कर रही हैं शश्री धरूर की जो के अपनी विद्वता और बेबाक अंदास किल के दुनिया भर में पहचान रखते हैं उन्होंने केरल के कोजी कूड में जो कुछ कहा उसने कॉंग्रिस आलाकमान के माधे पर चिंता की लकीरें एक बार पिर खी
00:43लेकिन उन्होंने दावा भी किया उन्होंने कहा कि मैंने कभी अनुशाशन नहीं तोड़ा जिसे पार्टी अपनी मत्यादा मांती है अलाकि अप्रिशन सिंदूर को लेकर उनकी बेबाकी ने एक नई बहस भी छेड़ दी थरू ने साफ किया किस मुद्दे पर उनके विच
01:13चाहे इसके लिए पार्टी लाइन से अलग क्यों ना चाना पड़े अब धरूर के मन में चल रही इस कश्मकश के पीछे की टीस तब और साफ नजर आती है जब हम रहूल गांधी के साथ उनके हालिया घटना क्रमों पर नजर डालते हैं
01:26रशनतिक हलकों में ये खबर आग की तरह फैल रही है कि धरूर इस बात से बेहत आहत हैं कि कुच्छी के एक बड़े कारिकरम में मंच पर अग्रम पंक्ती में मौझूद होने की बावजूद राहूल गांधी ने अपने भाशन में उनका नाम भी नहीं लिया
01:40किरल की स्थाने राशनिती में उन्हें बार-बार दरकिनार करने की कोशिशें लगातार जारी भी है और रज्य के कदवर नेता उन्हें एक विदीशी तत्व या फिर आउटसाइडर की तरह देख रही है जो कि कॉंग्रिस को बड़ा डैंट कर रही है और भविश्य में ब
02:10पार्टी की तारीफ भारति जनता पार्टी की और से धरूर का मनुबल बढ़ to porter को और बल देने का कम करते रही है 10 किनाहिएं किmiş व भासें की अने का न्योता भी दीया वी
02:28उनके नेशन फर्स्ट वाले बयानों और कई अंतरा श्यमुद्दों पर सरकार का समर्थन करना, सरकार के रुख में सुर से सुर मिलाना, लोग उनके भविश्य को तै करते हैं, लोग बार-बार कहते हैं कि बीजेवी मैंट्री जल्द होने वाली है, अब धरूर का ये कहना कि
02:58पुशिश करते हैं, उनके बयानों में सरकार का साथ देना हो, या फिर अपनी पार्टी के साथ खड़ा होना हो, हर वक्त हर एक बयान में नजर आता है, उन्होंने ऑपरेशन सुंदूर पर अपने पुराने संभ का हवाला देते हुए कहा कि पाकुस्तान के साथ लंबे टक
03:28कि ऐसा मुम्किन नजर आता ही नहीं, बड़ी चोट के और कॉंग्रिस बढ़ना नहीं चाहती।
03:58पिलाल उनके पेवर तो साफ बता रही है कि जुकने के मूड में बिल्कुल नहीं है, और ये कही ना कही बीजेपी के लिए और सत्ताधारी पक्ष के लिए एक खुश खबरी जैसा महसूस हो रहा है।
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