00:00इतिहास गवा है कि जब जब राज सत्ता ने धर्म सत्ता को अपने अधीन करने या उसे परिभाशित करने की चेश्टा की
00:26तब तब परंपराओं के मरूस्तल से विद्रोह का एक ऐसा बवंडर उठा जिसने सिंगहासिन की जड़ों को खिला कर रख दिया
00:33प्रियागराज की धतक्ती रेती पर जब जियोतिरमट के स्वामी अविमुक्तिश्वरानंद सरस्वती ने ये घूशना की कि उनकी पदवी और प्रामाडिकता किसी प्रिधान मंत्री या मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर की मौताज नहीं है
00:45तो वो किवल एक सन्यासी का निजी वक्तव्य नहीं था वो था बारा सो साल पुरानी अजय परंपरा का सिंगनाद
00:54वो सिंगनाद जिसे आदिशंक्राचार ने सनातन की धर्म रक्षा के लिए धर्म दंड के रूप में स्थापित किया था
01:00एक लोगतांत्रिक व्यवस्ता में जहां पर सम्विधान की सर्वोचता सर्वोपरीमानी गई
01:05वहां एक भगवाधारी संद ये दावा करता है कि उसका अधिकार क्षेत्रा राश्रपती से उपर है
01:12अधुरिक भारत की राजनादिक चेतना के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर ये पूरा माजरा ये विवाध दोब्रा है
01:18ये डगराव के वले एक माघ मेले में रधरो के जाने या फिर शाहिस्नान की अनुमती ना मिलने का प्रशाशनिक गदिरूद नहीं है
01:25बलकि ये उस प्राचीन गरिमा के लड़ाई है जो कि सद्यों से भारतिय समाज की बौधिक और आध्यात्मिक रीड रही है
01:33नमस्कार
01:34मेरा नाम है मुकंद और आप देखना शुरू कर चुके हैं One India का स्पैशल न्यूज बुलेटिन देश दिन भर
01:40आज का ये विवाद तब और अधिक कड़वा और व्यक्तिगत हो गया जब धर्म के इस महा संग्राम में कालनेमी जैसे विशिशनों का प्रवीश हो गया ऐसी बयान बाजियां आई
01:49हलके घटना क्रमों में जब सत्ता के गलियारों के करीमाने जाने वाले दो प्रवावशाली यूग्यों ने अवि मुक्तेश्वरानंद के रुख पर प्रहार करते हुए उन्हें कालनेमी की संग्यादी तो इसने सनातन के भीतर की दरार को पूरी तरह से उजागर कर दिया
02:19कुशिष थी कि जो संत वर्दमान राजनेतिक विमर्श और सत्ता के सुर में सुर नहीं मिलाता वो असली नहीं हो सकता इस कालनेमी वाले हमले में उस अगनी में घीर डालने का काम भी किया जो पहले से ही राममंदिर की प्राण प्रतिश्ठा के मुहरत और शास्त्रिय वि�
02:49रहा है यहां यह समचना अवश्यक है कि शंकराचार्य कोई नाम से आफ़र सामानिय उपलब्धी नहीं है उपाधी नहीं है बलकि है ये एक वयचारिक पीठ जिसका निर्मान साक्षात शिव के अफ्तार माने जाने वाले आधिशंकराचार्य ने आटव शतापदी में किय
03:19प्रेहरी नियुक की उत्तरमें दक्षण में श्रेंगेरी शार्दा पीठ पूर में गूवरधन पीठ और पश्य में द्वारण का शार्दा पीठ इन पीठों का उद्धिन शोंस Judhpur नहीं था源शा
03:32मात्र नहीं था बल्कि सनातन की वैचारिक शुद्धता को बनाए रखना था और समाज को शास्त्र सम्मत मार्क भी दिखाना था आज जब अभी मुक्तेश्वर अनंद अपनी वैधिता के लिए अन्य जीवित शंकराचारियों की सहमती का हवाला देती हैं तो वो सुप्राच
04:02वेदों का प्रकांड पांडित्या कठूर वैराग्या दशनामी सन्यास परंपरा की दीक्षा और शास्तार्थ की उस अग्मी परीक्षा से आपको गुजरना पड़ेगा जहां केवल सत्य और ज्यान की विजह होती है अब एक शंकराचारी के लिए उसकी पीठ कोई भौति
04:32किसी विशय पर अपनी राय रखते हैं तो उसे हिंदू समाच का अंत्यम धार्मे का आदेश मान लिया जाता है वर्दमान राजशीती भले ही संक्याबल और मीडिया मेरेजमेंट पर टिकी हो लेकिन शंकराचारे के परंपरा शास्त्र के प्रमार और विवेक पर आधारित
05:02पहचान की नहीं बलकि भारत की उस संस्वित एक अखंड़ता को बचाने की है जिससे आदिशंकराचार्य ने हजारों साल पहले उत्तर से तक्षण तक एक धागे में बिरोया था
05:13आखिरकार ये विवाद हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या आधुनेक भारत अपनी उन प्राचीन संस्थाओं को पचापाने में असमर्थ है जो सक्ता के नियन्प्रण से बाहर हो रही हैं
05:24कालने मी जैसे अपमानजनक संबोधनों और प्रशाशनिक अवरोधू के बीच खड़े अविमुक्तिश्वरानंद दरसलों सिधर्म दंड की याद दिला रही हैं जो कभी चक्रवर्ती राजाओं के उपर शाशन करता था
05:36उनके बयानों में राजनातिक मदभीद हो सकते हैं उनके वहवार पर विवाद हो सकता है लेकिन इस संस्था के आतिहासिक और आध्यातने के अहमियत को नकारा नहीं जा सकता
05:46राजनीती के चहरे बदलते रहेंगे प्रधान मंत्री और मुख्य मंत्री समय की धूल में खो भी चाएंगे लेकिन आधिशंगराचार या द्वारा स्थापित ये पीट तब भी अडिक रहेंगे
05:56ये विवाद महज एक समाचार भी नहीं बलकि ये उस सनातन सत्या का द्गोश है कि धर्मसत्ता हमेशा राजसत्ता के उपर रहेगी
06:05भले ही उसे अपनी पहचान साबित करने के लिए प्रिशाशन की लाठियों और राजनीताओं के तंसों का सामना क्यों ना करना पड़ जाए
06:13अब आपको लिए चलते हैं राजनीती के उस बड़े और मंझे हुए खिलाडी के पास जिसकी आज हर कोई पूच ले रहा है
06:21वो बीजेपी हो, एंडिये हो, क्या फिर हो, कॉंग्रेस हर तरफ इनकी चर्चा तेज है
06:27रशनीती गलियारों में जब एक दिगज खिलाडी अपनी ही टीम की लक्षमन रुएखा की बात करने लगे तो समझ लेजिए
06:33अंदरूनी दलारे अब इतनी गहरी हो गई कि जिन्हें शब्दों की चाशनी से धकना मुश्किल हो गया
06:39सही पहचान रहे हैं आप बात कर रही हैं शशी धरुर की जो के अपनी विद्वता और बेबाक अंदास किल के दुनिया भर में पहचान रखते हैं
06:47उन्होंने केरल के कोजी कूड में जो कुछ कहा उसने कॉंग्रिस अलाकमान के माधे पर चंता की लकीरें एक बार पिर खीश दी
06:55सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या अब रहुल गांधी और शशी धरुर के बीच की खटास उस मोड पर पहुँच गई जहां से वापसी तो मुम्किन नहीं है
07:04थरुर ने इस सारवजनिक रूप से स्विकार कर लिया कि पार्टी के साथ उनके रिष्टों में कई उतार चड़ावाए
07:09लेकिन उन्होंने दावा भी किया उन्होंने कहा कि मैंने कभी अनुशाशन नहीं तोड़ा जिसे पार्टी अपनी मत्यादा मांती है
07:17अप्रिशन सिंदूर को लेकर उनकी बेबाकी ने एक नई बहस भी छेड़ दी
07:21थरुर ने साफ किया किस मुद्दे पर उनके विचार पार्टी के कुशित रुख से हमीशा से अलग थे
07:27और उन्हें अपनी ससारवजनिक असहमती पर कोई पच्टावा बिल्कुल नहीं है
07:32अब उनका रुख सपष्ट है कि जब देश की सुरक्षा और राश्ट्रहित की बात आती है तो भारत और उसकी अखंडता ही सर्वो परी हो
07:39चाहे इसके लिए पार्टी लाइन से अलग ख्यों ना चाना पड़े
07:43अब धरुर के मन में चल रही इस कश्मकश के पीशे की टीस तब और साफ नसर आती है
07:47जब हम रहुल गांधी के साथ उनके हालिया घटना क्रमों पर नजर डालते हैं
07:53रशनतिक हलकों में ये खबर आग की तरह फैल रही है कि धरुर इस बात से बेहत आहत हैं
07:58कि कुच्ची के एक बड़े कारिकरम में मंच पर अग्रम पंक्ती में मौझूद होने की बावजूद राहुल गांधी ने अपनी भाशन में उनका नाम भी नहीं लिया
08:06किरल की स्थाने राशनिती में उन्हें बार-बार दरकिनार करने की कोशिशें लगातार जारी भी है
08:12और रज्य के कदवर नेता उन्हें एक विदीशी तत्व या फिर आउटसैडर की तरह देख रही है
08:17जो कि कॉंग्रिस को बड़ा डेंट कर रही है और भविश्य में बड़े नुकसान के लिए कॉंग्रिस का कह सकते हैं
08:25स्क्रप तैयार हो चुकी है और कॉंग्रिस की पिछ बुन रही है
08:28यही वो बिंदू है जहां यह अटकलें तेज भी हो जाती है कि क्या धरूर अब भारतिय जनता पार्टी की और रुख करेंगे
08:34क्योंकि बार-बार भारते जनता पार्टी की तारीफ, भारते जनता पार्टी की और से धरूर का मनुबल बढ़ाना कहीं न कहीं इस राचनातिक कयासों को और बल देने का काम करते रहे हैं
08:46अलगे धरूर ने कभी भी सीधे तोर पर भाजपा में जाने की बात नहीं की नहीं किसी ने भाजपा में आने का न्योता भी दिया साफ तोर पर
08:54लेकिन उनके नेशन फर्स्ट वाले बयानों और कई अंतरा श्यमुद्दों पर सरकार का समर्थन करना, सरकार के रुख में सुर से सुर मिलाना, लोग उनके भविश्य को तै करते हैं, लोग बार बार कहते हैं कि बीजेबी मैंट्री जल्द होने वाली है
09:07अधरुर का ये कहना कि अगर भारत खत्म हो जाएगा तो कौन जीवित रहेगा, सीधे दोर पर नहरुवादी सोच और आधुनिक राज्टरवात का एक अनूठा मेल जरूर है, वो एक लेखक और विचारक के दोर पर अपनी स्वतंत्र पहचान को पार्टी की संकिर्ण विच
09:37के साथ लंबे टकराफ की बजाए अतंगवात के खिलाफ ठोस और सीमित कारवाई होनी चाहिए थी, और जब सरकार ने वही किया तो उन्होंने उसका समर्थन किया, अब कॉंग्रेस के लिए थरूर आज एक ऐसी पहेली बन गए जिनने ना तो वो पूरी तरह गले लगा र
10:07दढ़ाई नहीं है, बलकि अपनी ही राजनातिक विचारधारा और स्वभिमान को बचाय रखने का एक मजबूत संखर्श है, देखना ये होगा कि क्या कॉंग्रेस उन्हें वापस वो सम्मान दीगी जिसके वो हकदार हैं या फिर शशित धरूर अपनी नई राजनातिक ज
10:37दुनिया विनाश के मुहाने पर खड़ी है और समंदर की लहरू पर तैरते अमेरिकी बारूत की ठेर इस पाक की तस्दीख भी कर रहे हैं, तस्दीख ये कि तीसरा विश्वियुद्ध अब के वले क कलपना नहीं बलकि एक डरावनी हकीकत बन गया है, हकीकत बन सकता है, अ
11:07रखती है, राश्पती ट्रम के एक आदेशनी मिडलीस्त के शान समंदर में हल्चल तीस करती, और अमेरिकी युद्ध पोतों का एक ऐसा विशाल बेड़ा इरान की घेरबंदी के लिए 30 से बढ़ रहा है, जो कि एरान पूर्ट टेंशन में डालने के लिए विश्युद त
11:37पूँच कर चुके हैं, इसके साथ ही अमेरिकी वायुसेना ने दरजन भर F-15E फाइटर जर्ट्स के तैनाती कर दी और ये साफ कर दिया, किस बार इरादे केवल डराने के नहीं है, इस बार इरान को तबाही छेलनी पड़ेगी, जिसकी चेतापनी, जिसका अल्टीमिटम �
12:07का को इतियास की सबसे सक्त चेतावनी देते हुए कहा, कि अगर उसकी सर्चमी पर कोई भी सर्चिकल स्ट्राइक या फिर सीमिस सेन ने कारवाई की गई, तो उसे आल आउट वार यानिकी पूर्ण युद्ध माना जाएगा, इरानी डेवलोशनरी गार्ड के कमांडर का ये
12:37प्यार का इस्तिमाल करेगा और इस्तिमाल होगा तबाही के लिए जिसका असर पूरी दुनिया चेलेगी, जवाब इतना कठोर होगा कि अमेरिका ने उसकी कल्पना नहीं की होगी, इरान ने ये भी साफ कर दिया कि वो हाई अलट के मोड में हैं और किसी भी खराब स्थिती
13:07की आशंका में खुद को पाती है, देख पाती है, जब इरान खुद आंतरिक विद्रों की आग में जुलस रहा है तो ये मामला और भी ज़्यादा पेचिदा होता नजर आता है कि आखिर उसे अपने आंतरिक मसलों को सुलजाना है या फिर दो तो हाथ अमेरिका से करने हैं
13:37और आहे पर है, जहां से वापसी का कोई रास्ता नहीं है और तबाही साफ नजर आती है, इरान के सेने प्रवक्ताओं ने तो यहां तक शेतावनी दे दी कि यदि उनके सुप्रीम लीडर पर किसी तरह की आचाई तो वो पूरी दुनिया को आख के हवाले कर देंगे, अब
14:07धुंदला कर दिया, धुमिल कर दिया, अगर समंदर की बीच खड़े, इन दोनों देशों की बीच एक भी मिसाईल ने चली, तो उसकी लपती केवल मिडलीस तक सीमित नहीं रहेगी, बलकि पूरी दुनिया की शान्ती और अर्थ विवस्था, तगमगाती नजर आएगी, �
14:37मन में है, तो उस पर भी अपना मैसेज शुरूर छोड़ेगा, मेरा नाम है मुकुंदा पनिरखिये, वन इंडिया के साथ, शुक्रिया.
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