00:00आजकल जहनी सहत के लिए मदद आपके फोन में ही मिल सकती है.
00:04लेकिन सवाल ये है कि क्या कोई आप वाकई एक थरपिस्ट की जगा ले सकती है?
00:10अच्छा, ये दरसल काम कैसे करता है?
00:13ये आप्स CBT यानि Cognitive Behavioral Therapy के उसूलों पर मबनी है.
00:18इसका तरीका बहुत सीधा है.
00:20आप के जरीए ख्यालात और रवये दरज किये जाते हैं.
00:23तो इस डिजिटल तरीके का असल फाइदा क्या है?
00:26आईए देखते हैं.
00:28ये हरवक दस्तियाब है, सस्ता है और इंटरेक्टिव टूल से दिल्चस्पी भी बनी रहती है.
00:34लेकिन एक एहम सवाल ये है, कि इस सब में इनसानी उनसुर कहा है?
00:39एक डिजिटल प्लाटफॉर्म में वो जज़बाती गहराई नहीं होती,
00:42जो इनसानी थेरपिस्ट से मिलती है.
00:44और ये भी ये खत्रा है कि खुदकार फीडबेक को गलत समझा जा सकता है.
00:47तो फिर सही तवाजुन के से तलाश किया जाए?
00:51इसका हल है blended care model, जो टेकनोलोजी और इनसानी निगरानी को मिलाता है.
00:56ये हलके से दर्मियाने दरजे के मसाइल के लिए बहतरीन है,
00:59साथ में थरापेस से चेक-इन भी होता रहा है.
01:00तो क्या यही जहनी सहत की देखभाल का मुस्तक्बिल है?
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