00:00करनाटक की हरी भरी पहाडियों के बीच बसा छोटा सा कस्बा वसंथपूर अपने हरे भरे धान के खेतों, प्राचीन मंदिरों और लगभग एक सदी से वीरान पड़े एक रहस्यमी महल के लिए प्रसिद्ध था
00:23इस महल का नाम था राज महल जो कभी राजा विरेंद्र और उनके परिवार का निवास था लेकिन जब दशकों पहले राजकुमार ला पता हो गया तो महल खंडहर में बदल गया और उसके चारों और रहस्य और श्राब की कहानिया गूंत दी गई
00:41वसंद्पूर की चहल पहल भरी गलियों में कहानी शुरू होती है अरजुन से
00:4626 साल का ये युवा पत्रकार बेंगलूरु से आया था
00:50अरजुन एक जिग्यासू और महत्वा कांग्शी युवक था
00:54जिसे अपनी न्यूज एजेंसी की ओर से वसंद्पूर के लोक कताओं
01:00और राज महल से जुड़ी रहस्यमी कहानियों को उजागर करने का कार्य मिला था
01:05अरजुन की दादी कमला जो वसंद्पूर में रहती थी
01:09अकसर खोए हुए राजकुमार और उसके गायब होने के बाद हुई अजीब घटनाओं की बाते किया करती थी
01:16अरजुन कमला ने एक शाम कहा लोग कहते हैं महल में भूत रहते हैं
01:22लेकिन मुझे लगता है कि सच्चाई कही दबी हुई है और कोई निडर इनसान ही उसे खोच सकता है
01:28अरजुन की जिग्यासा बढ़ गई
01:30अपनी जांज के दोरान अरजुन की मुलाकात देविका से हुई
01:35देविका एक जीवन स्वभाव वाली यूवा पुरात त्ववित थी
01:39जो वसंदपूर के एतिहासिक स्थलों की मरम्मत के लिए वापस लोटी थी
01:44देविका का इतिहास का ज्यान और अरजुन की कहानी कहने की कला
01:50उन्हें महल के रहस्यों को सुलजाने के लिए उप्युक्त जोडी बना दिया
01:54उनकी पहली खोज वसंदपूर के सबसे पुराने मंदिर श्री अंजनाया मंदिर में हुई
02:01वहां के पुजारी पंडित विश्वनाद ने एक रहस्यमी कहानी सुनाई
02:06राजा का पुत्र राजकुमार आदित्य कोई साधारन लड़का नहीं था
02:12पंडित जी ने अपनी लंबी सफेद दाढ़ी पर हात फेरते हुए कहा
02:16उसे वसंदपूर में सम्रिधी लाने के लिए पैदा किया गया था
02:21लेकिन एक रात वो बिना किसी निशान के गायब हो गया
02:26कुछ कहते हैं कि उसे उठा लिया गया तो कुछ मानते हैं कि वो भाग गया
02:31लेकिन सच्चाई महल में छुपी है
02:34पंडित जी की बातों से प्रेरित होकर अर्जुन और देविका वीरान राज महल में घुज गए
02:40महल के अंदर तूटे फूटे जुमर धूल से धकी पुरानी तस्वीरें और दर्कती हुई दीवारे समय की गवाही दे रही थी
02:49महल के पुस्तकाले में देविका को रानी मिनाक्षी की एक डाइरी मिली
02:55डाइरी का अंतिम प्रिष्ट पढ़ने पर लिखा था
02:58चांदनी रास्ता दिखाएगी जहां सिन्ह सोता है वही रहस्य छुपा है
03:04ये रहस्यमी शब्द उनकी उत्सुकता को और बढ़ा गए
03:08रात के समय अर्जुन और देविका वापस महल पहुँचे
03:13डाइरी में दिये गए संकेतों के अनुसार उन्होंने आंगन का निरिक्षन किया
03:18जहां एक भव्य पत्थर का शेर खड़ा था
03:21शेर की आखें एक खाली जगे की ओर घूर रही थी
03:25चांदनी जैसे ही शेर पर पड़ी
03:28अर्जुन ने उसके आधार पर एक चमक देखी
03:31करीब से देखने पर उन्होंने शेर के नीचे एक गुप्त लीवर पाया
03:36अर्जुन ने हिम्मत जुटा कर लीवर खिंचा
03:39शेर की मूर्ती के नीचे की जमीन कामपने लगी
03:43और एक गुप्त सीधी प्रकट हो गई
03:45अर्जुन और देविका ने एक दूसरे को देखा
03:48और टॉर्च और साहस के साथ नीचे उतर गए
03:51सीधियों के नीचे वे एक विशाल कमरे में पहुँचे
03:55जहां दीवारों पर राजपरिवार के इतिहास की कहानिया चितरत थी
04:00कमरे के बीचों बीच एक अलंकरित संदूक रखा था
04:04जो देवी देवताओं और सुरक्षा चेनों से सजा हुआ था
04:08देविका ने संदूक का सावधानी से निरिक्षन किया
04:12ये कोई साधारन ताला नहीं है
04:15उसने कहा इसे खोलने के लिए एक खास क्रम चाहिए
04:19दीवारों पर चितरों में उन्होंने देखा कि राजकुमार आदित्य
04:24एक पेड के नीचे वीना बजा रहे थे
04:27पेड पर तारे जैसे फल लगे थे
04:29और नीचे वही कमल का चिन था
04:32कुछ देर की कोशिश के बाद उन्होंने संदूख खोला
04:36उसके अंदर एक रेशम में लिप्टा हुआ प्राचीन स्क्रॉल
04:40सूर्य के आकार का एक लॉकेट और एक छोटी सोने की चाबी थी
04:45स्क्रॉल ने एक चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की
04:49राजकुमार आदित्य को दुश्मन राज्य के हत्यारों से बचाने के लिए छिपा दिया गया था
04:55उनके वफादा रक्षक केशव ने उन्हें एक दूरस्त आश्रम में भेज दिया
05:00जहां उन्हें गुमनाम रूप से पाला गया
05:03लॉकेट पर शाही चिनव बना था
05:05जो उनकी पहचान साबित करता था
05:08सच्चाई जानने के लिए अरजुन और देविका ने कमला और पंडित विश्वनाद से सला ली
05:14कमला की आखों में आसू आ गए जब उन्होंने लॉकेट देखा
05:19ये ये राज कुमार का है मैंने इसे बचपन में देखा था
05:24पंडित जी ने खुलासा किया
05:26स्क्रॉल में जिस आश्रम का जिक्र है वो चित्रकूट की पहाड़ियों के जंगलों में है
05:31अगर आदित्य जिन्दा थे तो उनके वन्शज आज भी वहाँ हो सकते हैं
05:37अर्जून और देविका ने आश्रम का रास्ता पकड़ा
05:40वहाँ के दुर्गम मार्गों और घने जंगलों को पार करने के बाद
05:44उनकी मुलाकात प्रमुक साधु स्वामी हरी नारायन से हुई
05:49स्वामी जी ने जब लौकेद देखा तो उन्होंने एक लंबे समय से दबा हुआ राज बताया
05:55आदित्य जिन्दा रहे उन्होंने यहां हमारी देखरेख में जीवन बिताया
06:00और अपने शाही जीवन को त्याग दिया
06:03लेकिन उनके वन्शज आज भी हमारे बीच है
06:06अपने अतीच से अंजान स्वामी जी ने उन्हें पास के गाव में भेजा
06:12जहां रवी एक साधारन शिक्षक अपने परिवार के साथ रहता था
06:18रवी की शकल राजकुमार आदित्य की तस्वीरों से इतनी मिलती थी
06:23कि कोई शक की गुंजाईश नहीं रही
06:25शुरुवात में रवी इस सच्चाई को मानने से हिच किचाया
06:29लेकिन अरजुन और देविका के समझाने पर वो वसंतपूर जाने को तैयार हो गया
06:35जब रवी महल पहुँचा और शाही लौकेट पहना
06:38तो वहां इकठा हुए लोगों की आखें आश्चरिय और खुशी से भर गई
06:43रवी की सादगी और शिक्षा के प्रती लगाव ने जल्दी ही लोगों का दिल जीत लिया
06:49उनके नेतरित्व में राज महल का पुनर निर्मान शुरू हुआ
06:53और वसंतपूर फिर से अपनी खोई हुई महिमा को हासिल करने लगा
06:58कुछ महिनों बाद राज महल फिर से शान से खड़ा था
07:02अरजुन ने इस पूरे सफर को एक फीचर स्टोरी में बदल दिया
07:06जिसका शीर्शक था वसंतपूर का खोया हुआ उत्तराधी कारी
07:11और ये कहानी पूरे देश में चर्चा का विशय बन गई
07:15देविका ने अपने पुरातत्व संबंधी कार्य जारी रखे
07:18और अकसर वसंतपूर आती रही
07:21रवी ने अपने पुरवजों की विरासत को सम्मान देने के लिए
07:25महल में एक स्कूल और सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया
07:29ताकि वसंतपूर के इतिहास को कभी भुलाय न जा सके
07:33वीडियो के अंत में रवी, अर्जुन और देवी का महल के सामने खड़े हैं
07:39और बैक अग्राउंड में बच्चे हसते और खेलते दिख रहे हैं
07:42एक आवाज गूंचती है, कई बार हम जो जवाब ढूंते हैं
07:47वे अतीत में नहीं, बलकि उसे उजागर करने के साहस में छुपे होते हैं
07:52वसंतपूर ने अपना उत्तराधी कारी पाया
07:54और उसके साथ अपनी आत्मा भी
07:57वीडियो देखने के लिए धन्यवाद
07:59अगर आपको ये वीडियो पसंद आया हो
08:02तो इसे लाइक करें
08:03और कमेंस में अपनी राइज जरूर दे
08:06हमें बताएं कि आप कौनसे टॉपिक्स पर वीडियो देखना चाहते हैं
08:10चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें
08:12और घंटी के आइकन को दबाएं
08:15ताकि आपको नए वीडियो की सूचना सबसे पहले मिलें
08:18आपका सपोर्ट हमारे लिए बहुत माइने रखता है
Comments