00:00उत्राखन के जंगल में अक्सर लोग रात को बच्चे के रोने की आवाज सुनते थे
00:05एक बार तीस साल का यातरी देर रात जंगल से गुजर रहा था
00:10अचानक उसे वही रोने की आवाज सुनाई दी
00:13उसने टॉर्च चलाई तो जाडियों में एक छोटा बच्चा बैठा दिखाई दिया
00:18वो घबरा कर पास गया और पूछा तुम यहां अकेले कैसे
00:23बच्चा धीरे धीरे उपर देखने लगा
00:26उसका चेहरा खाली था बस दो गहरी काली आखे
00:30यातरी पीछे हटने लगा
00:32लेकिन तभी चारों और से और भी बच्चों के रोनी की आवाजे गूंजने लगी
00:38अगले दिन उसकी लाश पेडों से उल्टी लटकी मिली
00:41लोग कहते हैं ये जंगल रोते बच्चों की आत्मा उचसे भरा हुआ है
Comments