00:00हर रोज राद बारा बजे, रामू अपने गाव की सड़क से होकर साइकल से गुजरता था।
00:07लेकिन एक पेड के नीचे बैठी, एक लड़की रोज दिखती, सफेद कपड़े, खुले बाद, और आखे बिलकुल स्थिर।
00:16एक दिन उसने हिम्मत करके पूछा, इतनी रात को यहां क्यों बैठी हो, लड़की मुस्कुराई, और बोली, तुमने मुझे चार साल पहले मारा था न, अब मैं हर रात तुम्हारा इंतजार करती हूँ।
00:29रामू कापता हुआ भागा, लेकिन पीछे से एक फुस-फुसा हटाई, अब हर रात, सिर्फ तुम्हारी होगी।
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