00:00I was like Amira, I was like 32 years ago, I was like, I was like, I felt like there
00:05was a weird feeling.
00:08But the day I saw that my surroundings first came, and I was like, that my eyes were like.
00:14The evening I was like, I got to be like, to take a while, and that was theária with my
00:24hands.
00:24ुपर उठाया, लेकिन मेरा हाथ नीचे था, मैं जम गई, धीरे धीरे मैंने अपना हाथ उठाया, और तब छाया स्थिर
00:34हो गई, उस रात मैं सो नहीं पाई, अगले दिन ऑफिस से लौट कर मैंने जानबूज कर दीवार के सामने
00:41खड़े होकर हाथ हिलाया, इस बार मेरी छा
00:53सेवन ट्वेल्फ पर मेरी छाया मुझसे पहले चलती है, कभी कभी वो रुख जाती है, जैसे किसी का इंतजार कर
01:00रही हो, कल रात लाइट बन थी, फिर भी दीवार पर छाया थी, और वो धीरे धीरे मेरे बिस्तर की
01:10ओर बढ़ रही थी, लेकिन मैं तो हिल भी नहीं रही थ
01:14крас्वार मेरी दाया कर रहीं डाया में लो हिल जात लाइब कर रहीं, में झालती हैं, में जाती है।
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