00:00अब साथ एकड में बीज़े की पहचान
00:30की हेचरी और आठ एकड में मचली पालन से डबल मुनाफा कमा रहें
00:34सुशील के फार्म पर करीब आठ तरह की मचली की बीज तयार होते हैं
00:57जिनमें हैं रहू, कतला, ग्रासकार, पंगास, जिंगा और इनके बीज की देश भर के राजियों में भारी डिमांड है
01:03आठ सुशील सिर्फ एक किसान नहीं बलकि ट्रेनर भी है
01:09देश भर के करीब 300 किसान उनके फार्म पर ट्रेनिंग लेकर मचली पालन शुरू कर चुके हैं
01:14इनके मॉडल को देखने के लिए जापान, उस्ट्रिलिया, चीन तक से डेलिगेशन आ चुका है
01:19एक साल में वहाय करीब 60 लाग उर्पे का टर नवर 15 एकड़ खेट से ले रहे हैं
01:27इटीवी बार्त के लिए करनाल से मुनिश टूरन
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