झांसी का एक परिवार अपने कद से समाज को मात देने में जुटा है. लोग इनका उपहास उड़ाते हैं. पड़ोसी इनका मजाक बनाते हैं. इनकी जिंदगी में दर्द ही दर्द है. ये परिवार है सलमान हैदर का. आज सलमान हैदर तो जिंदा नहीं हैं लेकिन, उनकी पत्नी जायदा बानो, बड़ी बेटी खदीजा खातून बीए और कंप्यूटर कोर्स, जहीन फातिमा बीएससी, सकलैन हैदर पॉलिटेक्निक, हसनैन रजा, नर्जिस खातून सातवीं कक्षा के छात्र अपने छोटे कद के साथ जीवन की गाड़ी को चला रहे हैं.महारानी लक्ष्मीबाई के किले की तलहटी में बसे मोहल्ले मेवातीपुरा के सिया का एक परिवार दिव्यांग होते हुए भी खुद को कामयाब बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है.3 से 4 फीट की हाइट रखने वाले इस परिवार की सबसे बड़ी बेटी खदीजा खातून का कहना है कि उनके दादा-दादी की हाइट बिल्कुल सही थी लेकिन, उनके पापा सलमान हैदर और उनके चाचा अताह हैदर की लंबाई ढाई से 3 फीट के बीच ही थी.जीवन में उन्हें तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
Be the first to comment