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00:00विद्वा की शादी
00:01सिर्फ 30 साल की थी नीलम जब एक कार हाथसे में उसके पती की मौत हो गई
00:07उसकी गोद में था उसका 4 साल का बेटा और धेर सारे जिम्बेदारिया
00:12नीलम को सजने, सवरने और अच्छे कपड़े पहनने का बहुत शौक था
00:17लेकिन पती की मौत क्या हुई, नीलम की तो जैसे दुन्या ही बदल गई
00:21मेरे बेटे को गुजरे हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ
00:27और तुन्हें गुलाबी रंग का कुर्था पैना हुआ है
00:30तुझे अपने पती के जाने का जरा भी गम नहीं है क्या
00:33ऐसी बात नहीं है ममी जी, लेकिन पूरी जिन्दगी सिर्फ रोकर तो नहीं गुजारी जा सकती न
00:40तो क्या करेगी, पार्ट या मनाएगी, अरे एक तो मेरा बेटा बर गया, और तुम्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ता
00:47ममी जी मेरा भी पती गया है, और इस बात से मुझे कितना फर्क पड़ता है मैं आपको बता भी नहीं सकती
00:54लेकिन अगर मैं रोती हूँ, तो मेरा चार साल का बेटा बहुत रोता है, अपने पापा को याद करता रहता है
01:01उसे दिखाने के लिए ही सही, मेरा ठीक से रहना बहुत जरूरी है
01:06कुछ दिनों के बाद, ममी जी मैं नौकरी करना चाहती हूँ
01:11लेकिन उसकी क्या जरूरत है?
01:15यहाँ घर में रह रहकर मेरा दम खुटता है, पूरा दिन मुझे अपने पती की याद आती है
01:20कुछ देर के लिए ही सही घर से बाहर जाओंगी तो शायद कुछ अच्छा लगे
01:24ठीक है, जैसा तुम्हारा मन करता है वैसा करो
01:28लेकिन ध्यान रखना, यह ज़्यादा चटक मटक रंगों के कपड़े पहन कर घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं है
01:35वन् DAY दुनिया हमारे बारे में बात करेंगी
01:38अपनी सास की बात मान कर, नेलम सफेद रंगे कपड़े पहन कर औफिस जाना शुरू कर देती है
01:44औफिस में नेलम की एक सहली बनती है दीव्या
01:48नेलम, तुम हमेशा ये सफेद कपड़े पहन कर क्यों आती हो
01:54दिखने में इतनी संदर हो, जौब करती हो, तुम्हें अच्छी से रहना चाहिए
01:59तुम्हें तो पता ही है, एक साल पहले मेरे पती की मौथ हो गई
02:04और इसलिए मेरे ससुराल वालों ने कहा है कि मुझे सिर्फ सफेद कपड़े ही पहनने चाहिए
02:10वनना लोग मुझे गलत समझेंगे
02:12लोगों की हिसाब से तो अपनी जिन्दकी जीना ही गलत है
02:16लेकिन तुम कब तक कैसे रहोगी, जो हो गया उसे भूल जाओ
02:21मेरा भी बहुत मन करता है कि तुम लोगों की तरह रंगीन कपड़े पहनो
02:26अच्छे कपड़े पहन कर तयार होकर रहो
02:28लेकिन फिर महले वाली और रिष्टेदार मेरे बारे में उल्टी सिधी बाते बनाने लगते है
02:34देखो तुम जवाब करती हो, तुम्हें लोगों की बातों की परवा नहीं करनी चाहिए
02:40अगले दिन नीलम जाने के लिए तयार होती है और रंगीन कपड़े पहन लेती है
02:45ये देखकर नीलम की सास को गुसा आजाता है
02:48देखो बहू, तुम्हें समझाया था ना? आप तुम विदवा हो, तुम्हें ऐसे रंगीन कपड़े नहीं पहनने चाहिए
02:56ममी जी, अगर मेरे पती की मौत हो गई, तो इसमें मेरी क्या गलती?
03:01और सफेद कपड़े पहनने से आखिर क्या हो जाएगा? क्यों नहीं पहन सकती मैं रंगीन कपड़े?
03:06क्योंकि सफेद रंग विदवाओं के लिए बना है, और तुम्हें रंगीन कपड़े पहनने का अब कोई हक नहीं है
03:13तब ही वहाँ पर नेलम के सहली दीव्या आ जाती है, वो नेलम की सास के सारी बाते सुन लेती है
03:19आंटी जी, विदवाओं होने का मतलब ये तो नहीं, कि इंसान अपनी जिन्दगी जीना छोड़ दे और रंगीन कपड़े पहन लेने से क्या हो जाएगा
03:28एक विदवा लड़की बाकी के सारे काम तो करती है ना, खाना खाती है, घर के काम करती है, फिर रंगीन कपड़े क्यों नहीं पहन सकती
03:37वो इसलिया है ताके विदवा होने के बाद किसे दूसरे आदमी की नजर में ना आए, अरे रंगीन कपड़े पहनेगी तो सुन्दर लगेगी, फिर कल को आकर कहेगी मुझे दूसरी शादी करनी है, ताब हम क्या करेंगे
03:50हाँ तो ठीक है न, इसमें गलत क्या है, एक विदवा को अपनी जिन्दगी जीने का पूरा अधिकार होता है, नीलम को भी है, चलो नीलम, तुम यही कपड़े पहन कर मेरे साथ चलो
04:02नीलम रंगीन कपड़े पहन कर अपनी सहली दिव्या के साथ ऑफिस चली जाती है, कुछ इसी तरह दिन बीटने लगते हैं, लेकिन अब पति के जाने के बाद नीलम बहुत उदास रहने लगी थी
04:13क्या बात है, तुम इतनी उदास क्यों रहती हो, देखो, नए दोस्त बनाने चाहिए, लोगों से बात करनी चाहिए
04:23तुमने देखा न, कितनी मुश्कल से सफेद रंके कपड़ों से मुक्ती मिली है, और अब रंगिन कपड़े पहनूंगी, दोस्त बनाऊंगी, तो समाज मुझे वैसे ही जीने नहीं देखा
04:34इस मामले में तुम्हें समाज की परवा नहीं करनी चाहिए नीलम, लोगों का काम क्या है, बाते बनाना ही तो है
04:41कुछ दिनों के बाद, नीलम के ओफिस में एक लड़का आता है, उसका नाम अमर था, वो दीरे-दीरे नीलम को पसंद करने लगता है, और एक दिन वो नीलम से कहता है
04:51नीलम, तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो, मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ
04:57लेकिन अमर मैं एक विद्वा हूँ, और मेरा चार साल का एक बच्चा भी है, मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती
05:05मुझे तुम्हारे विद्वा होने से कोई फर्क नहीं पड़ता, मुझे तुम्हे एक अच्छी इंसान लगी, और इसलिए मुझे तुमसे शादी करनी है
05:13लेकिन मुझे मेरी फैमिली से इस बात की पर्मिशन कभी नहीं मिलेगी
05:18तुम उसकी चिंता मत करो, मैं तुम्हारे घर आकर बात करूँगा
05:22कुछ दिनों के बाद अमर नीलम की घर पांचता है
05:26नमस्ते अंटी जी, मैं अमर हूँ, मैं आपकी बहुन नीलम से शादी करना चाहता हूँ
05:32मुझे तो पहले से पता था, पहले तुने विद्वाव वाला सफेद रंग छोड़ कर, ये रंग वी रंगी कपड़े पहने शुरू किये
05:40और आप तेरा चक्कर भी चल रहा है
05:56आप नीलम को गलत समझ रही है, मैं नीलम को पसंद करता हूँ, और उससे शादी करना चाहता हूँ, उससे मुझे से कभी असा नहीं कहा
06:04चले जाओ हमारे घर से, हमारे यहाँ पर विद्वाव वंगों की शादिया नहीं करवाई जाती, समझ में आई बात
06:11अमर वहाँ से चला जाता है, और नीलम की सास उसे बहुत उल्टा सीधा सुनाती है, कुछ दिनों के बाद पडोसमिक शादी होती है, वहाँ पर सारी औरते तयार होकर आती है, नीलम की सास भी उसे वहाँ पर चलने के लिए कहती है, नीलम सफेद रंके कपड़े पहन कर अ�
06:41जैन पसंद आया. और ये दीको मेरे कंगन. पिछले मेहें पिर
06:47दिलवाया थे मिरे पती ने. कितना च्छा डिजाईन है ना.। और तुम्हारी
06:51मेंदी दो दिखाो, रंग तो बहुत संदर आया है. लगता है तुम्हारे
06:56बहुत प्यार करता है तुमसे
06:58और नहीं तो क्या
07:00और वैसे बिना मुझे मेहन्दी का ये लाल रंग बहुत पसंद है
07:03अरे जरा उधर तद देखू
07:06ये निलम वहाँ पर क्या कर रही है
07:09हम सब की बीच में विद्वा का क्या का
07:11अरे इसका यहां होना तो मनहुसित है
07:15इसके सास को इतना भी नहीं पता कि इसे यहां नहीं लाना चाहिए था
07:19ऐसे सफेद कपड़े पहन कर बैठी हुई है
07:22दूर से पता चल रहा है कि उसका पती मर गया
07:25निलम की सास ये सारी बाते सुन लेती है
07:28और फिर अपनी बहु के उदास चेहरे की तरफ देखती है
07:31निलम की सास को इस बात का एहसास होता है
07:34कि उसने अपनी बहु की साथ अच्छा नहीं किया
07:37घर आने के बाद
07:38निलम जरा मेरे पास आना बेटा
07:42क्या हुआ ममे जी मुझसे कोई गलती हुई है क्या
07:47लो बेटा
07:48बहुत सुंदर सुंदर और रंगीन साडिया है
07:52ये सब तुम्हारे लिए
07:54और सुनो
07:55वो जो लड़का उस दिन घर आया था न
07:58क्या नाम था उसका
07:59अमर
08:00उसे कहना कि वो मुझसे आकर मिले
08:03लेकिन अचानक क्या वो ममे जी
08:06सब ठीक तो है न
08:07आप ये कपड़े मुझे क्यों दे रही है
08:10और अमर से क्या काम है
08:12बेटा मेरे बेटे की
08:15मौत के बाद भी तुम मेरा
08:16इतना ख्याल रखती हो
08:18नौकरी करती हो पैसे कमाती हो
08:21आज जब उस
08:22शादी में मैंने दूसरे लोगों
08:24की बाते सुनी तब मुझे
08:26इस बात का एसास हुआ
08:28कि विद्वा होने के बाद भी
08:30तुम्हें जीने का अधिकार है
08:32ममी जी मैं कुछ समझी नहीं
08:35देखो बेटा
08:36जो चला गया वो चला गया
08:38लेकिन आज के बाद तुम
08:40रंगीन कपड़े पहन होगी
08:41खुश हो कर रहोगी
08:43और हाँ
08:44मैं खुद तुम्हारी शादी
08:46अमर के साथ करवाओंगी
08:47लेकिन ममी जी आप ये सब क्यों कर रही है
08:50मैं तो आपके कहने पर
08:52सफेद कपड़े पहन कर शादी में गई थी
08:53वही तो बेटा
08:55मुझे अच्छा नहीं लगा
08:57और ऐसा तो किसी किताब में नहीं लिखा
08:59कि विद्वा होने के बाद
09:01एक लड़की को सिर्फ सफेद कपड़े पहनने चाहिए
09:03अगर तुम सुसुराल में रहकर
09:06अपने जिम्मदारी उठा सकती हो
09:07तो फिर अपने जिन्दगे में
09:09सारी खुश्यों पर भी तुम्हारा अधिकार है
09:12दिनेश एक बार अपने दोस्त अमर की शादी में उसके गाउं गया
09:19दिनेश और उसके दोस्त शादी में जम कर मजे कर रहे थे
09:23अमर की शादी में एक नाचने वाले लड़की भी आई थी
09:26जिसका नाम था अमरिता
09:39बहुत पसंद हो तुम बहुत अच्छा डांस करती हो
09:42जी शुक्रिया डांस की बात तो सही है
09:46लेकिन आप मुझे पसंद करते हैं ये बात समझ में नहीं आई
09:51इसमें समझना कैसा? मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ
09:55हाँ? आपको पता नहीं क्या? मैं नाचने वाली हूँ
10:00और हम जैसी लड़कियों से कोई शादी नहीं करता
10:03बहुत लड़की आते हैं तुम्हारी तरह बाते बनाने वाले
10:07शादी के प्रपोजर्स लेकर
10:09लेकिन शादी कोई नहीं करता
10:12कौन खरेगा मुझसे शादी?
10:15मैं सच क्या रहा हूँ
10:16मैं सच में तुम्हें बहुत पसंद करता हूँ
10:18और तुमसे शादी करना चाहता हूँ
10:20मुझे तुम्हारी बात पर
10:22बिल्कुल भरुसा नहीं
10:24अगर तुम सच में मुझसे शादी करना चाहते हो
10:26तो अपने माबाप को साथ में लेकर आना
10:29मैं तुम्हें यहीं इसी गाउ में मिलूँगी
10:31ये मेरा पता है
10:32शादी होने के बाद
10:35दिनेश अपने घर लोटाता है
10:37अपनी मा के पास जाकर कहता है
10:40मा मैं अमरिता नाम के एक लड़की को बहुत पसंद करता हूं
10:44उससे शादी करना चाहता हूं
10:46अरे बेटा लेकिन ये अमरिता है कौन?
10:50किसकी बेटी है?
10:52कैसा घरबार है कुछ बताओ भी
10:54बस सीधे आकर शादी की बात कर रहे हो
10:56वो क्या है ना वो लड़की
10:59एक नाचने वाली लड़की है
11:01मेरे दोस्त अमर की शादी में
11:03मैंने उसे नाचने हुए देखा था
11:04क्या? नाचने वाली लड़की?
11:07नहीं नहीं नाचने वाली लड़की को
11:09हम अपने घर की बहु नहीं मना सकते
11:11लेकिन माम मैंने उससे वादा किया है
11:15मैं उससे से शादी करूँगा
11:17वादा करने से पहले अपने माबाप से पोचना जरूरी नहीं समझा
11:21किसी भी नाज्टे वाली को ऐसे शादी का वादा करके चले आए
11:25लेकिन पापा एक बार आप उससे मिल तो लीजिए
11:29क्या पता आपको भी वो पसंद आ जाए
11:31अरे अंकल आउंटी आपको तो बहुत चोट लगी है
11:55चली मैं आपको हस्पिटल लेकर जाती हूँ
11:57अमरिता दिनेश की मम्मी और पापा को हस्पिटल में एडमिट करवा देती है
12:01और उनका ख्याल रखती है जब दिनेश हस्पिटल पहुँचता है
12:05अमरिता तुम यहां क्या कर रही हो
12:08तो क्या यह तुम्हारे मम्मी पापा है
12:11वहाँ सड़क पर उनका एक्सिडेंट हो गया था
12:14इसलिए मैं यहाँ हॉस्पिटल में लेकर आगी
12:16क्या है यह वही लड़की है बिटा
12:19जो तुम्हें पसंद थी
12:21हाँ मा
12:22मा यही तो है अमरिता
12:25जिसके बारे में मैंने आपसे बाप की थी
12:27हमारे सोच गलत थी
12:29यह लड़की तो बहुत अच्छी है
12:32और हम तुम्हारी
12:34इससे शादे करवाने के लिए अब बिलकुल
12:36तयार है
12:36उसके बार दिनेश और अमरिता की शादी हो जाती है
12:40अमरिता एक नाचने वाली थी
12:42और इसलिए वो किसी भी तरह की
12:44आवास पर नाचना शुरू करती थी
12:46एक दिन जब वो किचन में खाना बनाते वक्त
12:49जूम जूम कर नाच रही थी
12:51अरे बहु तुम यहां किचन में खड़ी होकर
12:54डांस क्यों कर रही हो
12:55यहां कौन सा गाना बज रहा है
12:57ममी जी वो
13:00खूकर की सीटी का म्योजिक है ना
13:01बस उसी पर डांस कर रही थी
13:03आपे सुनिये ना कितना अच्छा म्योजिक है
13:06हरे आप कूकर की सीटी पर कौन डांस करता है
13:09अजीब नाचने वाली बहु मिली है
13:11माना दिल की अच्छी है लेकिन
13:13कूकर की सीटी पर भी नाचती है
13:16भगवान भला करे
13:17कुछ दिनों बाद दिनेश की पड़ोस वाले घर में
13:20कंस्रक्शन का काम चल रहा था
13:22और सारा दिन मजदूरों के हथोड़े चलाने की आवाज आती रहती
13:26उस आवाज की वज़े से
13:28अमरिता घर का सारा काम चोड़ कर डान्स करती रहती
13:31ये देखकर दिनेश की पापा कहते है
13:33बेटा तुम नाचने वाली बहु तो ले आए
13:37लेकिन ये तो हथोडों की आवाज पर भी डान्स करती है
13:40और बेटा अपने घर का काम बिलकुल छोड़ दिया है
13:44सारा दिन बस मजदूरों के औजारों की आवास पर डान्स करती रहती है
13:48कल मैंने एक गलास पानी मांगा था तो मुझसे कहती है
13:53पापा बाद में देती हूँ अभी तो डान्स कर रही हूँ मैं
13:57डिस्टरब मत करो
13:58माँ पापा आपकी बात सही है
14:01अमरिता के उपर तो डान्स करने का नशा कुछ ज्यादा ही सवार हो गया है
14:04लगता है इसके पुराने काम का भूत इसके सिर में फिर से गुस गया है
14:09अरे लेकिन बेटा हम क्या करें
14:11अब यह पूरा दिन इसे तरह नाशती रहेगी तो कुछ अजीब नहीं लगेगा
14:31अरे क्या मुसेबत है यह कौन है यह लोग यह तो हमें जिन्दा जला कर खाजाएंगे
14:40अब हमें कौन बचाएगा सही कैतियो मा यह तो जंगली लोग है यह हमें जिन्दा नहीं छोड़ने वाले
14:47अरे डरने से बहतर होगा कि हम अपने आपको बचाने का कोई उपाई सोचे
14:52तुम्हारा क्या है तुम तो नाचने लग जाओगी तुम्हारा दिमाग भी काम करता है और तुम्हारे तो पैर भी काम करते है
15:00अरे मा ये लड़ने का वक्त नहीं है, हमें कुछ सोचना पड़ेगा
15:05अब सोचने से कुछ नहीं होने वाला, ये जंगल के लोग हमें पका कर खा जाएंगे
15:11वो जंगली लोग दिनेश और उसकी परिवार के हाथ पे अरबान कर उन्हें मादने की तैयारी करने लगते हैं
15:30उसे ढुमके लगाने लगती है, तब ही एक जंगली बूल पड़ता है
15:34लड़की, तुम यहाँ पेर से बंदे-बंदे क्यों नाच रही हो?
15:39क्योंकि मुझे तुम जंगली उसे ज्यादा अच्छा डांस करनाता है
15:42अरे जाओ जाओ, हम जितनी तेज डांस करते हैं, उतना तो तुम करी नहीं सकती
15:48लगा लो शर्त
15:50अच्छा ठीक है, लगी शर्त
15:53अगर तुमने हमसे ज्यादा अच्छा और तेज डांस किया, तो हम तुम्हारे परिवार को जिन्दा छोड़ देंगे
15:59और अगर तुम्हार गई, तो हम तुम सब को जिन्दा चला कर खाओ जोएंगे
16:05अच्छा ठीक है, मुझे तुम्हारी शर्त मन्जूर है
16:09अब बजाओ तुम्हारा जंगली ढोल, देखते हैं कौन कितना डांस करता है
16:13वो जंगली लोग जोर-जोर से ढोल बजाकर नाचना शुरू करते हैं
16:18दिनेश और उसका परिवार उनके नाच की स्पीड देखकर दंग रह जाता है
16:22अमरिता भी उनके साथ बराबर से नाचने की कोशिश कर रही थी
16:26धीरे-धीरे अमरिता ने अपने डांस की स्पीड को कम कर दिया
16:30क्या हुआ, हवा निकल गई तुमारी
16:33बढ़ी हाई हमसे जीतने वाली
16:36बस एक मिनट रुक जाओ, तुमको तुम्हें अभी बताती हूँ
16:40अब तक अमरिता धीरे-धीरे नाच रही थी
16:43ताकि वो सारे जंगली ठक जाए
16:45और अमरिता बाद में जोर-जोर से डांस करके उन्हें हरा दे
16:49और ऐसा ही हुआ, अमरिता ने अब तेज स्पीड से नाचना शुरू कर दिया
16:54सारे जंगली अब तक ठक चुके थे
16:57देखा, अब पता चला, कौन ज्यादा अच्छा और तेज नाच सकता है
17:02हाँ, हाँ, तुम ही हमसे ज्यादा अच्छा और तेज डांस करती हो
17:07हमने मान लिया, बहुत धग है, बस भी करो
17:11अरे अभी कहां से बस करो, तुम कहो तो मैं दिन रात लगाता नाच सकती हूँ
17:17हम तुम आरे आगे हार मानते हैं, तुम अपने परिवार को लेकर याद से जली जाओ
17:22देखा मा, आज नाचने वाली बहुन है, हम सब की जान बचा ली
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