00:00हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा क्रिष्णा
00:07प्राचीन काल से ही शिवलिंग हिंदू धर्म के सबसे गूड और पवित्र प्रतीकों में से एक रहा है
00:16यह मात्र एक पूजा की वस्तु नहीं, बलकि ब्रमांट के संचालन का सूक्ष मनक्षा है
00:22हमने चर्चा को साथ स्पष्ट भागों में विभाजित किया है ताकि आपके लिए इसे समझना आसान हो जाए
00:29अंत तक बने रहें और अगर आपको यह मददगार लगे तो लाइक, शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूले
00:37आएए इसके रहस्यों को परत दर परत समझते हैं
00:42एक, शिवलिंग क्या है?
00:46शिव पुराण में वर्नित है कि जब ब्रह्मा और विश्णु शिव के अस्तित्व को जानने का प्रयास कर रहे थे
00:52तब एक अंतहीन जोती स्तंभ प्रकट हुआ, जिसे लिंग कहा गया
00:56यही आदी अनादी स्वरूप आज शिवलिंग के रूप में पूजित है
01:01शिवलिंग के तीन प्रमुक भाग होते हैं
01:05नीचे का चौकोर आधार, ब्रह्मा, स्रिष्टी
01:08मद्य का अश्टकोन, विश्णु, पालन
01:12उपर का बेलनाकार भाग, शिव, सहार
01:16दो, विज्ञान की दृष्टी से आधुनिक विज्ञान
01:20शिवलिंग की संदचना में कई आश्चरे जनक तत्य खोचता है
01:23क्वांटम फिजिक्स, शिवलिंग का आकार ब्रह्मांड में पाए जाने वाले
01:28ब्लैक होल सिंगुलेरिटी से मिलता जोता है
01:31नासा के शोध के अनुसार, जब कोई तारा समाप्थ होता है
01:36तो वह एक अत्यंत सगन बिंदु, सिंगुलेरिटी पॉइंट में सिमट जाता है
01:40बिलकुल शिवलिंग की तरह
01:42पाईजो इलेक्टरिक इफेक्ट, अधिकांच शिवलिंग क्वाज क्रिस्टल से बने होते हैं
01:48जो दबाव पढ़ने पर विद्युत उत्पन करते हैं
01:51जब भक्त जल चड़ाते हैं और मंत्र उचारन करते हैं
01:55तो यह प्राकृतिक उर्जा जनरेटर की तरह कारे करता है
01:58पारत शिवलिंग का रसायन विज्ञान, प्राचीन भारत में पारे, मरकरी से निर्मित शिवलिंगों का विशेश महत्व था
02:06आधुनिक विज्ञान ने पुष्टी की है कि बारा
02:1038.9 डिग्री सेल्सियस पर वाश्पित होता है
02:14मानव शरीर के ताप मान के करीब
02:16सुपर कंड़क्टर की तरह कारे करता है
02:20एंटी बैक्टिरियल गुन रखता है
02:233. मंदिर वास्तुकला का रहस्य शिवलिंग को सदैव गर्भग्रिह के केंदर में स्थापित किया जाता है
02:30यह स्थान विशेश रूप से
02:33भूचुमबकिये शक्ती रेखाओं के केंदर पर होता है
02:37स्वर्ण अनुपात 1.618 के आधार पर निर्मित होता है
02:43ध्वनी तरंगों को केंदरित करने की क्षमता रखता है
02:474. आध्यात्मिक संकेत शिवलिंग की संरचना में गहन आध्यात्मिक सत्य चिपे है
02:52निराकार ब्रहमा का प्रतीक अंडाकार आकार यह दर्शाता है कि इश्वर का कोई निश्चित रूप नहीं
02:59यह अनंत की अभिवेक्ती है
03:02शिव शक्ती का मिलन लिंग और योनी का संयोग केवल प्रजन्द का प्रतीक नहीं
03:08बलकि ब्रहमांडिय उर्जा, पुरुष और दैविय शक्ती, स्त्री के संतुलन को दर्शाता है
03:14कुंडलिनी जागरन, शिवलिंग की संरचना मानव रीड की हड़ी का प्रतीक है
03:20आधार मुलाधार चक्र, मद्य सुशुमना नाडी, शीर्ष सहसरार चक्र
03:28पांच एतिहासिक प्रमान पुरातात्विक खोजों ने सिद्ध किया है कि शिवलिंग पूजन सिंदु घाटी सब्यता पांच हजार इसा पूर्व से प्रचलित था
03:37मोहंजोद्रों से प्राप्त शिवलिंग पर स्पष्ट त्रिशूर के निशान मिले है
03:42विश्व के अन्य भागों में भी समान प्रतीक मिलते हैं
03:47मेक्सिको के अस्टिक मंदिर
03:49ग्रीस के डायोनिसस पंथ
03:52जापान के शिंटो मंदिर
03:54छे पूजन विधी का विज्ञान शिवलिंग पर चड़ाए जाने वाले पदार्थों का वैज्ञानिक आधार
04:00दूद, कैल्शियम और प्रोटीन युक्त पत्थर की सब्दा को संडख्षित करता है
04:06बिल्व पत्र, 21 औश्धिय गुनों वाला पत्ता
04:10जल, नकारात्मक आइनों का संचार करता है
04:14भस्म, तवचा रोगों से बचाव
04:18साथ आधुनिक अनुसंधान स्विजलेंड स्थित CERN प्रयोक्षाला
04:23जहां गौड पार्टिकल खुजा गया
04:25के प्रवेश द्वार पर शिव नट्राज की मूर्ती स्थापित है
04:28वैग्यानिकों का माना है कि शिव का तांडव नीते ब्रहमांडिये कणों की गदी को दर्शाता है
04:34निशकर्ष, शिवलिंग प्राचीन भारतिये रिशियों द्वारा खुजा गया एक उन्नत वैग्यानिक यंत्र है
04:41जो ब्रहमांडिये उर्जा को संचित करता है
04:44मानव चेतना को उच्च स्तर पर ले जाता है
04:48विज्ञान और आध्यात्म के बीच सेतु का कारे करता है
04:52जब हम शिवलिंग की पूजा करते हैं
04:56तो हम वास्तव में उस अनंत शक्ती को नमन करते हैं
04:59जो इस संपूर्ण स्रिष्टी को संचालित कर रही है
05:01यह कोई अंदविश्वास नहीं
05:05बलकि हमारे पूर्वजों का गहन वैज्ञानिक द्रिष्टिकोन है
05:07जिसे आज का विज्ञान धीरे-धीरे समझ रहा है
05:10वीडियो देखने के लिए धन्यवाद
05:13हर हर महादेव
05:15अगर आपको यह वीडियो पसंद आया हो
05:19तो इसे लाइक करें और कमेंट्स में अपनी राय जरूर दें
05:22पेज को फॉलो करना ना भूले और सपोर्ट करने के लिए स्टार जरूर विज्ञे
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