00:00नेहा, 25 वर्षिय भारतिय यूफती, रात दो बजे वाश्रूम में आई, आइने में उसने अपना चहरा देखा, लेकिन मुस्कान उसके चहरे पर नहीं थी, उसने घबरा कर पीछे मुड़ कर देखा, कोई नहीं, फिर आइने में उसका चहरा अचानक खुन से लत्पत दिख
00:30लेकिन आइना हर जगे उसके पीछे घूर रहा था, जैसे ही उसने दर्वाजा खोला, आइने की परचाई उसके सामने खड़ी हो गई, नहा चीकती रही, लेकिन आवाज रुख गई, वो समझ गई, जो भी आइने में दिखाई देता है, वो अब सिर्फ सच था, अंधेरा
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