00:00रायपूर की सीमा पर एक पुरानी कोठी है। लोग उसे लाल दर्वाजा कहते हैं। क्योंकि दर्वाजा हमेशा लाल रंग में रंगा रहता है। पर किसी ने उसे कभी रंगते नहीं देखा।
00:13कहते हैं 31 वर्षिय जमिनदार मुरारी लाल ने अपनी पतनी को उसी दर्वाजे के पीछे दफना दिया था। अब जब भी कोई दर्वाजा चूता है उसके हाथ खून से भर जाते हैं। एक बार 19 साल का विकास हिम्मत दिखाने गया। उसने दर्वाजा खोला। अंदर बस �
00:43झाल
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