00:01आश्विन महा की पूर्णिमा को शरत पूर्णिमा कहा जाता है। हिंदू धर में इस तिथी का खास महतुद बढ़ाया गया है।
00:06शरत पूर्णिमा की रात को चंदरमा अपनी सोला कलाओं के साथ चमकता है।
00:10इस साल शरत पूर्णिमा 6 अक्टूबर 2025 सोमवार के दिन है।
00:13शरत पूर्णिमा की रात चंदरमा का पूजन करने का बिधान है।
00:16पराणी कताओं के मताबिक समुंदर मन्थन के दौरान इसी तिथी पर मा लक्षमी प्रकट हुई थी।
00:20इस दिन रात की समय खूले आसमान के नीचे चांद की रोशनी में खीर बनाने की परमपरा भी है जिसका भोग लगाने के बाद प्रसार बाटा जाता है।
00:27ऐसे में इस रात कथा सुनना भी बेहद जरूरी माना गया है।
00:31चलिए आपको सुनाते हैं शरत पूर्णेमा वरत की संपूर्ण कथा।
01:01बड़ी बेटी ने अपनी पूरी शर्धा से वरत्य पूर्ण किया जिससे उसे पुत्र की प्राप्ती हुई।
01:31बड़ी बेहन के साथ करने के लिए कहा।
01:33मात्मा की बात सुनकर चोटी बेहन ने पूर्णेमा का वरत्य पूरे विधी विधान के साथ पूरा किया।
01:37बड़ी बेहन के साथ पूरा किया लेकिन उसकी संतान जीवित नहीं बची।
01:41को खोने का संताप कर रही थी तब ही उसकी बड़ी बेहना।
01:44मौसी के वस्र छोते ही छोटी बेहन के संतान जीवित हो थी।
01:48ये देख छोटी बेहन खुश हो गई और खुशी से रोने लगी।
01:50तब बड़ी बेहन ने उसे वरत की महिमा बताए।
01:53इसके बाद छोटी बेहन ने पूरे विदि-विधान के साथ शरत पुड़िमा का वरत किया और दूसरों को भी वरत करने के सला दी।
01:59मानेता है कि शरत पुड़िमा का वरत करने से कंडली में चनर्मा कीस्थी मजबूट होती है।
02:04इससे आपको सभी कामों में सबलता हासिल होती है
02:06फिलाल इस वीडियो में तो नहीं
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