00:00हर सल अश्विन महा की पुर्णिमा को शरत पुर्णिमा मनाई जाती है।
00:04हिंदु धर्म के माननेता के हिसाब से इस दिन चंद्रमा से अमरित की बरसाथ होती है।
00:10इस दोरान खुले आस्मान के नीचे खीर रखने की परंपरा सदियों से चलिया रही है।
00:14चंद्रमा की किर्णों से रात भर रखी हुई खीर अम्रित के समान हो जाती है।
00:19माना जा रहा है कि इस बार की शरत पुर्णिमा बेहद खास होने वाली है।
00:23दरसल इस बार ये सोमवार के दिन पढ़ने वाली है।
00:26ऐसे में इस दिन वरत रखने से चंद्रदेव की खूब करपा बरसेगी।
00:29ऐसे में चलिए आपको बताते हैं शरत पुर्णिमा के दिन खीर चांद की रोशनी में कब रखे और कब भटाए।
00:35क्या है चांद में खीर रखने का समय।
00:37दरसल शरत पुर्णिमा की रात को चांद अपनी 16 कलाओं से पड़िपूर्ण होता है।
00:42और ऐसा माना जाता है कि इस रात की चांदनी में अमरित बरसता है।
00:46इसलिए इस दिन खीर को चांद में रखने की परंपरा है।
00:50कई लोग मखाने की खीर बनाते हैं लेकिन आप चावल की खीर भी इस दिन बना सकते हैं।
00:55शरत पुर्णिमा 6 अक्टूबर की रात 12 बच कर 23 मिनट से 7 अक्टूबर की सुभा 9 बच कर 16 मिनट तक रहेगी।
01:03वहीं चांद की रोशनी में खीर रखने का मूरत रात 10 बच कर 23 मिनट से है।
01:08हाला की 6 अक्टूबर की शाम 5 बच कर 27 मिनट पर ही चंद्रमा का उदे हो जाएगा।
01:15जोतिशासर के हिसाब से यही वो समय है जब भद्रा खत्म होगी।
01:19इस समय खीर को बालकनी या छट पर रख दे। लेकिन याद रखे कि अगर आप चांद की रोशनी में खीर रख रहे हैं तो आप उसे किसी चीज से कवर करके रखें।
01:29हो सके तो उसे छलनी से ही ढखे। वहीं आपको बताएं कि इस खीर को कब हटाना है तो आप सुबह सुरियोदे से पहले साड़े तीन ये चार बजे के आसपास इस खीर को उठा ले।
01:41इसके बाद आप पूजा करने के बाद इस खीर को प्रशाद के तौर पर ग्रहन करे। ऐसा करने से माना जाता है कि घर में सुकसम रिद्धी आती है और सभी शारेरी कस्ट और विमारिया दूर हो जाती है।
01:52उमीद करती हो आपको जानकारी पसंद आई होगी। फिलहाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक, शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले।
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