00:00क्या आप जानते हैं?
00:02शरत पुर्णिमा की खीर तभी अमरित बनती है जब उसे सही समय पर खाया जाया
00:06जी हाँ, ये रात सिर्फ खुपसूरत नहीं बलकि और उषधी और उर्जात्मक को दृष्टी से सबसे शक्तिशाली मानी जाती है
00:13लेकिन बहुत से लोग ये नहीं जानते कि खीर का सेवन कब करना चाहिए ताकि चंद्र अमरित का पूरा लाब मिल सके
00:20तो ये आज किस वीडियो में जानते हैं
00:23हिंदू मान्यता के अनुसार शरत पूर्णिमा की रात देवी लक्षमी और चंद्र देव की किरपा सबसे अधिक होती है
00:29अब इसी कारण इस दिन दूद और चावल की खीर बना कर खुले आसमान के नीचे रखी जाती है ताकि चांद की किर्णे उसमें उतर सके
00:38अब आयरुवेद और विज्ञान दोनों ही मानते हैं इस रात की चंद्र किर्णे, शेतल, जीवनी, शक्ती बढ़ाने वाली और मन को शांत करने वाली होती है
00:48लेकिन अब सवाल है कि खीर कब खानी चोईए
00:51शरत पुर्णिमा की रात दस बजी से लेकर सुबह चार बजी तक चांद के किर्णों से सबसे ज़्यादा और शधिये शक्ती होती है
00:59अब इसलिए खीर को रात 9.30 बजे तको बना कर किसी काच या फिर मिट्टी के बरतन में खुली जगे पर रख देना चाहिए
01:07अब इसे रात 12 बजे से लेकर सुबह 4 बजे के भी चुखाने का सबसे उत्तम समय माना गया है
01:13क्योंकि इस समय चंद्रमा पृत्वी के सबसे करीब होता है और उसकी किर्णों में कुलिंग वेलनेस एनरजी सबसे अधिक होती है
01:20अब यही वह उर्जा है जो खीर को अमरित तुल्य बना देती है
01:25तो दोस्तों फिलाल इस वीडियो में इतना ही आपको एज़ान करें कैसी लगी हमें कमेंट में लिखकर ज़रूर बतेएगा
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