Skip to playerSkip to main content
  • 3 months ago

Category

📚
Learning
Transcript
00:00सब परवों में सबसे बढ़कर नवरात्रि सुमंगल कारी
00:23नव दुरगा मा को संग लेकर नवरात्रि यहां पधारी
00:32इस परव को लेकर भत्तों में उत्साहा उमंग है भारी
00:44व्रत नियम सहित रखें पूजार्चन पाठ कर नरनारी
00:52नौ दिन का उत्सव मनाई लो
01:14नव दुरगा घर में बुलाई लो
01:18जरबा कर मा को रिजाई लो
01:22मधी मा पार भक्ती से गाई लो
01:26नौ दिन का उत्सव मनाई लो
01:38रब दुरगा घर में बुलाई लो
01:42कुई उन्हे शेयंत्र में बाधे
01:46दंत्रे द्वारा कुई आराधे
01:50कवच अरगला की लक पढ़के
01:54भक्त असाथ्य भवानी को साधे
01:58इन तो बस दिन की सुनाई लो
02:02भार भर मन में बेटाई लो
02:06दरबा कर मा को रिजाई लो
02:10मा अपार भक्ती से गाई लो
02:14आशा ले थे तरे बोए
02:18नई स्रिष्टी के साज संजोई
02:28नव दिन का उस सब मनाई लो
02:33नव दुरगा घर में बुलाई लो
02:37चरन लाल ला लाल है बिदिया
02:41लाल ही चोला लाल चुनरिया
02:45जब नव दुरगा धरती पे आई
02:49लाली से भर गई सार नगरिया
02:53सेवा करके बिलते सुनाके
02:58बख्त मिहारे माँ को सजाके
03:02बस इतनी सी बात पे रेचे
03:06मिल जाए बैया भग्तों में आके
03:10लाली से तनमन रंगाई लो
03:14चर्लों से लगन लगाई लो
03:18मब दुरगा के तरशन पाई लो
03:22इनके सब लाच लोगाई लो
03:26दिख्वन की जबनी भदों के पास है
03:30अब पर माली का धरती बेवास है
03:38यही नवरात है यही नवरात है
03:42पाके और मस्तित का सब को आभास है
03:46यही नवरात है यही नवरात है
03:50तीरो भूबन में छाया वलास है
03:54यही नवरात है यही नवरात है
03:58सश्टिक कणकण में इसका आभास है
04:01यही नवरात है यही नवरात है
04:05तारों में नर्तन फूलों में उल्लास है यही नवरात है यही नवरात है
04:13अध्यात्त क्जेतना का सब में विकास है यही नवरात है
04:21तो अध्यात्त करें विकास है यही नवरात है
04:38विजय दुर्ग नगरी में यह क्या हो रहा है
04:41भूजा होम हमान
04:51कौन है यह सुंदर्ग यह तो सुंदर्ग की देवी है
04:58किन्तु यह विजय दुर्ग नगरी में क्या करें
05:01इसे तो धुम्र केदू के महल में होना चाहिए
05:04जब यह रत उड़ेगा तो उसमें धुम्र केदू अकेला नहीं होगा
05:15उसके साथ ये संदर एकी तेवी भी होगी
05:45और भी होगी
05:49लाए, लाए, लाए, लाए, लाए, लाए, लाए, i.
06:04कर दो कर दो
06:34हमें बुढ़ाकर ऐसे ही खड़े रखेंगे आप राजकुमारी आप सब जानते हैं कि मैं राजकुमारी हूं और आपको तो पता है कि हूं नौदेविया हूं
06:56हाँ हाँ मैं जानती हूं कि आप सब ही नौदेविया हो जानती तो हो तुम राजकुमारी फिर भी हमारी पाध्य पूजा नहीं करोगी
07:07आप सब को देखकर मैं सब कुछ भूल गई थी बाद में एमत कहना राजकुमारी कि आप हमें बोचन देना भी भूल गई
07:17नहीं कहूंगी नहीं कहूंगी लेकिन उससे पहले आप सब लोग बैठिये
07:23राजकुमारी आप से अभूचर कराया आप
07:43नव दूरगा नव रूपा मैया नो के है नो नाम सुहाने
08:02नव नीथी आले भूमी पे आए मंगल मै नव रात्री बिताने
08:10पाव धुलाए पुजा काराए प्रेम से खाए भक्तों के दाने
08:20देविया कन्या बनके जो पगटे कोई उन्हें कैसे पहचाने
08:28यू छम से घर आ जाए तो भक्त उन्हें कैसे पहचाने
08:40बार स्टेश से घर जाए पे बंगल मै रंग,
08:45बार स्टेश अजाने
08:48बार स्टेश में कैसे उन्हें अंटेश बार स्टेश में
08:53भक्तेश में किसे पहचाने
08:58झाल झाल
09:28झाल झाल
Be the first to comment
Add your comment

Recommended