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  • 4 months ago

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00:00या देवी सर्व भूतेशु भक्ति रूपे न संस्तिता नमस्तस्ते नमस्तस्ते नमस्तस्ते नमो नमाह।
00:30मां यह संपोर्ण विश्व मेरा बनाया हुआ माया जाल है मौ माया के इस चक्रव्यों में कहीं तुम भसना जाना मां जब तक आपका अशिरवाद मेरे साथ है मैं निश्चित रूप से इस माया जाल से बाहर निकल जाओंगी पर मां
00:58हमेशा मुझ पर अपनी कृपा बनाये रखें तुम्हारा कल्यान हो पुत्री
01:05राजकुमारी पर भयंकर संकट आने वाला परंतो इस संकट से राजकुमारी को कोई हानी नहीं पहुंचेगी
01:29यह नहीं जानते कि आप फुरी विजय दुर्टगरी पर संकट हैं।
01:31यह नहीं जानते कि आप फुरी विजय दुर्टगरी पर संकट हैं।
01:33यह नहीं जानते कि आप फुरी विजय दुर्टगरी पर संकट हैं।
01:40ये नहीं चानते कि आप भुरी विजय दुर्टगरी पर संकठ हैं
01:59आप शनी देव से कम प्रभाव शाली नहीं है मामाची
02:02आपकी साड़े साथी के फेर में जो कोई भी फंस जाता है
02:06उसे तो कोई देवी और देवता भी नहीं बचा सकते
02:09माहराज? मैं तो सदय विजय दुर्ग के बारे में ही सोचता रहता हूँ
02:15पड़ाम, पड़ाम नहीं जबारा है
02:18मामाजी, मामाजी, आप समय गवार हैं मामाजी
02:23हाँ, और अगर आप समय इस तरह से बरबाद करेंगे
02:27तो हम आपको विजय दुर्ग के सिंगासन पर विराजमान होते हुए कैसे देख सकेंगे मामाजी?
02:32जो लोग समय से पहले चलने का परियास करते हैं
02:35वो अपने इरादों में कभी सफन नहीं हैं
02:38माहराज और माहराणी राजकुमारी सुमुखी का विवाहई शिग्रई करवाने वाले हैं
02:43माहराज ने राजकुमारी सुमुखी का चेत्र चंदरनगरी के राजा चंद्रमुख के पास भेज दिया है
02:49यो राज सुरत के लिए
02:51यो राज सुरत?
02:55बल्चाली है पराक्रमी है
02:58यो राज सूरत
03:25यो राज सूरत रुखे रुखे
03:31काल केतु के असूर हमारे आश्रम मेहा तक बजा रहे हैं
03:34हमारे आश्रम की सुरक्षा कीजिए
03:55हमारे � mid to night
04:16हमारे यो राज सूरत राजम
04:23प्रणाम प्रणाम पिताईब
04:46आयो श्मान भाव वृत्त
04:53आपके लिए सुयोग्य है युव्राज
05:13तुम्हें पसंद नहीं है तो हम महराजा गरुद्धत से कहतेंगे कि हमारे पुत्र को
05:22नहीं मा मैंने कभी आपकी अवग्य की है यदि आपकी और पिता जी की आग्या होगी तो मैं विवा से उनकार गरुद्धत
05:32मारानी कालिंदी जब भी कोई दानव मानों के हाथ से मारा जाता है तो मानों के हाथ से बुलंद हो जाते हैं
05:46अपने छोटे भाई का प्रणाम स्युकार कीचिये अपको चिंता करने के अवश्कता नहीं है प्राता श्रीप आपको ए छोटा भाई धूंगर के तु मनुष्य को उसके प्रात कदंड देता आया है और देता रहेगा
06:06मैं अभी अपने वाईरुस से जाके पता करता हूँ अग्या दीजिए
06:12मैं अभी अपको प्रात करता है
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