00:00मनुस्य सारी जिन्दिगी बार दोड़ता रहता है पैसा, नाम, मान समान की पिछे
00:12पर सच तो यह है कि सांती बहार नहीं, सांती तो भीतर है
00:18अगर आप रोज कुछ फल आख बंद करके अपने ही भीतर उतरे
00:25तो आपको पता चलेगा कि जो सुख आप संसार में डुणते हैं
00:32वहें तो आपके हर्दय में ही छुपा है
00:34सारे दुनिया आपको छोड़ सकती है
00:39पर आपकी आत्मा आमेसा आपके साथ है
00:43उसे से जुड़ना ही दिहान है और यहीं सच्चा समाधान है
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