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  • 1 year ago
Zarb e Mehmet Episode 93 on Green TV in high quality 16th September 2025, Green TV drama Zarb e Mehmet Episode 93 telecast on 16th September 2025. Watch latest episodes of Zarb e Mehmet

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Transcript
00:00फात्मा खातून
00:11अली
00:14मैं तुम्हारे पास ही आने का सोच रहे थी
00:24जैनब का पूछने के लिए क्योंकि वो
00:26मैं जानता हूँ
00:28क्या जानते हो तुम
00:30कहां है जैनब
00:34हस्पताल में क्या
00:36किसलिए
00:38हैमिल्टन को जमीन पे भिहोश पड़ी मिली वो
00:41वो उसे हस्पताल ले गया
00:43जल्दी से डॉक्टर को लेकर आओ
00:49जल्दी से डॉक्टर को लेकर आओ
00:53जल्दी से डॉक्टर को लेकर आओ
01:03फ़ॉएं डॉक्टर को लेकर आओ
01:08डोक्टर अलीक सा को लेकर आओ शाम से बने उन्हें नहीं देखा ज़े?"
01:13का मसलब तुम्ने आज शाम से नहीं नहीं देखा पर वने डोक्टर अलीक से बाट जल्दी करो, Docteur, Captain
01:27में देख लोता हुएन्हा tipo
01:28650
01:38नब्स बहुत सूस्त हैं
01:40क्या हुआ तो इने आप जानते हैं
01:44मुझे रास्ते में बेहोश पड़ी मिली
01:46जिसम पे कोई जखम तक नहीं
01:48अगर क्या हुआ इने
01:48परन सिरम लेकर आओ
01:50लान रथो
02:05आप मुझे बुला रहे थे कैप्टन हैमिल्टन
02:09ये औरत यहां क्या कर रही है
02:13मुझे रास्ते में बेहोश पड़ी मिली
02:15मैं ही लेकर आया इने
02:15तुम कहां थी
02:17उपर मरीजों का मौईना कर रही थी
02:20और कहां हो सकती हूँ मैं
02:22जिसम पर सिया धब्बे
02:33अब ये भी नमुदार हुएं
02:35और बजाहिर
02:37ये मजीद बढ़ते जाएंगे
02:40कैप्टन हैमिल्टन
02:46मेरा अंदाज़ा है कि इन्हें जहर दिया गया है
02:49जहर दिया गया है
02:52यकीन है तुम्हें?
02:53मेरे तजर्वे के मताबिक जही हाँ
02:55हमें फोरान इलाज करना होगा
02:59ठीक, जो हो सकता है करो
03:03हम नस्के जरी तर्याग देंगे
03:05कैप्टन हैमिल्टन, आप चाहें तो मैं यह जिम्मेदारी संभाल लेती हूँ
03:15हमें इस बात का यकीन है कि इसे जहर दिया गया है
03:17मैं कुछ टेस्ट भी कर लेती हूँ
03:19कैप्टन, मेरा मश्वराय के वक्ट जाय ना किया जाए
03:21कुछ जहर ऐसे भी हैं जिनसे
03:23कुछ घंटों में इनसान की मौत हो जाती है
03:25टेस्ट के चकर में जान से जा सकती है
03:27ठीक है, अब से यह मरीज तुम्हारी जिम्मेदारी है डॉक्टर
03:31यह हस्पताल मेरे मातहद है
03:33और यह शहर मेरे मातहद
03:35जैनब का इलाज तुम नहीं करोगी
03:39मेरी बात सुनों, डॉक्टर
03:53मैं आस पास ही रहूंगा
03:55मुझे हालत से आगाह करते रहना
03:57इस ओरत ने मेरी जान बचाई थी
03:59और अब तुम इसकी जान बचाओगे
04:01मुझसे जो हसगा में करूंगा, कैप्टन
04:03मुझसे जाए
04:33आओ मेरे भाई आओ
04:44असलाम उलेकुम मेरे भाई
04:50वालेकुम स्लाम
04:52खेरियत तो है
04:54तुम सो ही नहीं अब तक
04:56पता नहीं
04:59बस करवटे लिये जा रहा हूं नीन नहीं आ रही
05:02मारेश की ओकेश की सिर्फ एक मा थी
05:08एरान की जंग में शोहर
05:14और बड़ा बेटा चनाक कले में शेहिद हो गया
05:18ओकेश को उसने अलविदा करते वे कहा
05:27अगर तुमने कमर पर गोली खाई
05:28तुम्हें अपना दूद नहीं बक्षूंगी तुम्हे
05:30अब उसमा से कैसे कहूं
05:41कि उसकी आखरी उम्मिद
05:46उसका च्छोटा बेटा भी शेहिद हो गया
05:53ये मुकदर है मेरे भाई
05:55जो लिखा है वो ही होता है
05:57ठीक के रहो मेरे भाई
06:03ठीक के रहो
06:08हमारे नसीब में तरहाना का शौर्बा और शाहदत के इलावा है ही क्या
06:18हिम्मत रखो
06:19दुनिया में तो कम हो रहे हैं
06:23लेकिन हम जन्नत में बढ़ते चा रहे हैं
06:25कैसरी के मुस्तफाने अपने बेटे के लिए ये भेडिया बनाया
06:37हमारे इमाम ने हमसे कहा
06:49तुम जो चाहोगे जन्नत में मिलेगा
06:55लेकिन मुस्तफान जन्नत से अपने बच्चे को देख भी पाएगा ये नहीं
07:06लेकिन से उन्नत माइड़ते के मुस्तफाना जन्नत मुर्या है
07:36अब हम दुनों के लिए हैं सहरा किशितान
07:42तुम्हें क्या लगा मैं तुम्हें बख्ष तूँगी हाँ
07:47जैनम
08:06कैप्टर ने आपको इसकी देखभाल के लिए मना किया था ना
08:11ये पूरा हस्पताल मेरे मा तहत है डॉक्टर
08:14सारे मरीजों का ही मौईना करती हूँ मैं
08:17ये बिल्कुल आप ठीक के नहीं है
08:19बहुत अफसोस हुआ
08:24आपकी बहुत करीबी रिष्टदार थी ना
08:29वैसे मुझे इनकी कोई दस्तावेज नहीं मिल सकी अब तक
08:31अगर आपको दस्तावेज का कोई मसला है तो इस मामले में आप मेरे बाबा या फिर गवरनर अब्दुल्ला से बात कर सकती है
08:37मुझे यकीन है कि वो आपके सारे खच्चात दूर करतेंगे
08:40नहीं नहीं इसकी जरूरत नहीं बस आपने कहतिया काफी है
08:44दॉक्टर अब इसकी हालत कैसी है
08:47दर्याग काम कर गया है नफ्स मामूल पर आ रही है
08:52लेकिन अब भी खत्रबा की है अभी तक होश नहीं आया
08:57आपसे जो हो सकता है आप वो कीजिए दॉक्टर
09:01जैनब साहिबा हमारी बहुत अहम इत्तिहादी है
09:05और साथ ही ऐसी मौालिज भी हैं जिन से हम भी फाइदा उठाते हैं
09:08हमें हर सूरत इनकी जान बचानी है
09:10जैनब की आपको इतनी फिकर क्यों हो रही है मेरी समझ से बाहर है
09:14आप दोनों की जब भी मुलकात होई आपका सिर्फ उससे जखड़ाई हुआ है
09:20इखतलाफ एराय कहा नहीं होता
09:22यहां एक जिन्दगी का सवाल है
09:24मैं एक डॉक्टर हूँ आखिर
09:26जाहिर है इनकी सहत्याबी चाहती हूँ मैं
09:44अब फिकर ना करें फात्मा साइबा
09:46आपकी दोस्त का इलाज मेरे जिम्हें है
09:50हमारी बीटी जैनब का क्या होगा कमांडर
10:01क्या हूं उसे वहीं चोड़ देंगे
10:02फात्मा खातुन से बात हुई है मेरी
10:04वो उसका ख्याल रखेंगी
10:05ये हमिल्टन काफिर की तो समझ नहीं आती मुझे
10:08उस सांप की जुबान में जहर और दुम में शिफा है
10:12एक ही रात में हमारी जाने ले भी रहा है और बचा भी रहा है
10:16ये सब क्या हो रहा है कमांडर
10:18जैनब हमारे साथ है ये उसे नहीं मालूम
10:21जो भी हो उसकी जान तो बच गई न
10:23तो हम धमाके कब करेंगे कमांडर
10:25अब ये मनसूबा कोई आम मनसूबा नहीं रहा
10:29अब हम रजद की मौत कभी इंतकाम लेंगे इंसे
10:33यागूप
10:34कहिए कमांडर
10:35हम कल के दिन धमाके करेंगे
10:37तुम्हारा वाहिद काम बस इतना है
10:39कि जितने बरत्नावियों को ला सको ले आओ
10:41ठेक है कमांडर
10:42धमाके के फॉरण बाद
10:47जितना जल्दी हो सके अपने आउदे से स्तीफा दे देना
10:50अगर हैमिल्टन रजद तक पहुँच गया है
10:52तो जल्दी उसे तुम पर भी शक हो जाएगा
10:55क्या धमाके के फॉरण बाद इसका गायब हो जानो
10:58उस काफिर को शक्पे नहीं डालेगा कमांडर
11:00इतने बड़े धमाके के बाद
11:02उसे हर गली हर महले से खबर चाहिए होगी
11:04अगर तुम उससे ये कहो कि
11:07तुम गलियों में रहकर उसकी ज्यादा मदद कर सकते हो
11:10तो वो जरूर मान जाएगा
11:12किसने तुम्हारी ये हालत की जैनब
11:37मुझे पूरी उमीद है कि इनके अंदरूनी एज़ा
11:50जहर के असर को सेलेंगे
11:52ये ठीक हो जाएगी
11:54ये आपके गुमान से कहीं ज्यादा मजबूत है डॉक्टर
11:57मुझे आपको एक जरूरी बास से आगाह करना है
12:06लेकिन ये बहुत खुफिया है
12:11बताईए
12:16आप जानती हैं कि रज़त को फांसी दे दी गई है
12:21रज़त तश्किलाते मुक्सूसा का रुकुन था
12:27डरियो मत फात्मा साहिबा
12:31मैं भी आप में से ही हूँ
12:35बहुत डर गई थी
12:38शुकर अल्ला का
12:39लेकिन मुझे आपकी मदद की जरूरत है
12:41जी जरूर बताईए क्या करना है
12:44मैं ये चाहता हूँ कि आप अली कमांडर को मेरा पैगाम पहुँचा दे
12:49मजन से फौरी मिला होगा
12:51आप बस जैनब का इलाच कीजिए
12:54कमांडर अली को आपका पैगाम दे दूगी
12:58तुम उनसे पूछोगे रसत का गुदाम कहा है
13:10चलो पूछो मुझसे
13:12सिपाही भाई रसत का गुदाम कहा है
13:14शाबाश
13:16चलो जाओ अब
13:28सिपाही भाई रसत का गुदाम कहा है बताई ये कौन पूछ रहा है
13:37वहां खड़े एक आदी ने पूछा
13:38मुझे नहीं मालूम चलो अब जाओ यहां से
13:42मुझे फौरी तोर पर इसकी रिपोर्ट चाहिए ये मामला बहुत नाजुक है
13:56कैप्टन एक गेर मामली बात हुई है
13:59सिपाहियो चलो बहर जाओ
14:01क्या हुआ
14:03अभी बहर एक चोटा बच्चा आया था
14:04उसने पूछा कि रसत का गुदाम कहा है
14:05मैंने कहा किसने पूछा
14:07तो जहां उसने इशारा किया वहां कोई नहीं था
14:08मुझे शुबह हुआ इसलिए आपके पास चला आया
14:10फॉरण कैप्टन हैमिल्टन को बताना होगा
14:12तुम अपनी जगा पर जाओ
14:13याकूब जोली कमांडर की मनसुबे को कड़ाई के तरह बुन रहा था
14:16उसने पत्थर जील में बेका जिसने बर्तानियों को चौका दिया
14:20ताकि वो लेरें जो पत्थर ने पैदा की आहस्ता आहस्ता हैमिल्टन तक पहुंच जाए
14:24हमारी अवलीन तरजी फास्ती इंतजामात हैं
14:26कोई कमी बरदाश नहीं करूंगा
14:28सिपाईयों को बता दें वरना अन्जाम बहुत बुरा होगा
14:31गुदाम के एड़ गरत फास्ती इंतजामात सख्त कर दो एक परिंदा भी पर ना मार सके
14:35अब आप जा सकते हैं
14:37जो आपका हुकुम कैप्टन
14:38खतले को भाबते हुए
14:40हैमिल्टन ने अपने सिपाईयों को गुदाम पर ताइनात कर दिया
14:44ताके किसी मुम्किना हमले से
14:46खुद को महफूस रखे
14:48बरतानवी वो गुदाम देखने आए मगर
14:51कमांडर अली और उनके जवानों ने
14:53वहां ऐसी तर्दीब बना दी थी
14:55कि समान निकालने के बाद भी
14:57कुछ नजर ना है
14:59ताके बरतानवी उगो
15:01इस बात की भणनत मी ना हो सके
15:03कि समान निकाल लिया गया है
15:05यहां तो सब ठीक है चलो पीचे की तरफ देखते हैं
15:08वो पीचे की तरफ जाएंगे कैसे Lol दर्वाजे पर तो ताना है
15:11फात्मा खात्वन अपनी प्यारी दोस्त जैनब के पास ही बैठी रही
15:26इन्शालला बहुत जल्द हम यहाँ से चले जाएंगे
15:31उसने दुआइं की और शवकत दिखाए
15:34और इस दुरान वो इस बास से बिलकुल बेखबर ती कि अलीसा की नजरे
15:40उन पर दी
15:42हमें साथ अभी बहुत कुछ करना है चलो उठो जैनब उठो
16:01करनल खलील यह अची तरह जानती थे कि कोई उन्हें मारना चाता है
16:05और यह जो भी है उसने फिलाल उन्हें मारने का इरादा मुल्तवी कर दिया है
16:11स्वाले
16:13हुकम केज़े कमांडर
16:19खैमा जहां से भी फटावा है उसे ठीक कर दो
16:21जो आपका हुकम कमांडर
16:24लेकिन अपसे करनल खलील सहाब मज़ीद मौताथ हो गए थे
16:30क्योंकि उन्हें यकीन था कि जो उन्हें मारने आया था
16:34वो एक बार फिर जिरूर आएगा
16:46क्या हम मेमान से मुलाकात करने नहीं जा रहे है जरनल
16:48हाँ ऐसा ही है उसने फैसले किया कि वो खुद यहां कर हमसे मिलेगा
16:53कब तक आएगा वो
16:56ये बात भी वो ही जानता है
16:58किसी को नहीं मालूं वो कब और कहां होगा
17:07क्या आपकी कभी पहले उनसे मुलाकात हुई है जरनल
17:09नहीं
17:10लेकिन अगर उसे देखा हो तो दूसरी बार मिलने पर उसे पहचानना मुश्किल है
17:15वो हर बार एक नया रूपधार कराता है
17:18तो हम उससे पहचानेंगे कैसे
17:23उसके खुफिय अलफाज से
17:25कैप्टन इतला बिल्कु दुरूस्त है
17:32कैसी इतला
17:34इसकुब्लो और उसके साथ ही
17:36हमारे गुदाम पे हमला करने वाले हैं
17:38मे अब तक तक तो उनकी खुफिय सरिगर्मियों के हوाले से
17:42हमें कोई अब इतला नहीं मिली है जरनल
17:44मैं उसकी तरह तरह करवाना चाहता था
17:46करूए इसकुब्लो कि कोई चालना हो
17:48तो ये सच है
17:49महमान के मौजूदगी में कोई गरबर नहीं होनी चाहिए
17:53जो करना है फॉरण करो
17:54जो आपका हुकम
17:55कैप्टन
18:03हर चीज़ के लिए तयार रहो अलफरेट
18:06जैसा के कह ये सकुपलों की कोई साज़िश भी हो सकती है
18:09महमान के इस्तिक्बाल करके मैं वापस आ जाँगा
18:11जो आपका हुकम कैप्टन
18:13धमागे के बाद बरतान्वियों का पूरा निजाम धरम भरम हो जाएगा
18:41गल्ला पहुचाने वाले रास्ते बंद हो चुके है
18:43और इसका घुस्ता वो आवाम पर निकालेंगे
18:46हैदर बाबा बरतान्वियों से लिए गया सामान आवाम में बाटना आपकी जिम्मेदारी है
18:52जो आपका हुकम कमांडर
18:53जब वक्त आएगा तो सारा सामान मुस्ताहिकी में खामूशी से बाट दीजेगा
18:58समझ क्या मैं कमांडर
18:59और उस वक्त तक हमें सामान को महफूज भी रखना है
19:01मैं हूँ सार्जेंट
19:11याकूब आया है कमांडर
19:12कमांडर
19:18मरकज में तो हलचल मची हुई है
19:20सिपाही से लेकर बावर्ची तक सब चौकन ने
19:23और उसके साथ साथ जनरल के कमरे को
19:26एक खास मुलकात के लिए तयार किया जा रहा है
19:28कोई खास महमान आने वाला है
19:30कौन है वो उसका नाम नहीं जान था
19:33वक्त आगिया है मेरे शेरों
19:40जोरदार धमाके की गुन सुनने का
19:43इंतकाम का वक्त आठका
20:00कमांडर आका हो सुन रहा हूं सौले
20:03आपके हुक्म के मताबिक महमान रवाना हो चुका है
20:07महमान के मतालिक मुझे हर एक मालूमात चाहिए
20:11वो क्या कर सकता है जानना जरूरी है
20:14समझ गे कमांडर
20:15और कोई खास बात
20:18कमांडर
20:20माफी चाहता हूँ मगर एक सवाल था मेरे जहन में
20:23ये जो हुआ है इसके बारे में आपने कोई हुक्म नहीं दिया
20:27ये सब कुछ कैसे हुआ
20:30मत पूछो कैसे हुआ
20:31ये जाने बगएर गद्दारी नहीं रोकी जा सकती के क्यूं हुआ
20:34मैं इस मसले की तह तक खुद जाओंगा ताके कोई मेरे दस्ते पर शक ना करे
20:39मगर इस बारे में किसी को खबर ना हूँ समझ गए
20:42जी समझ गए कमांडर
20:44अगर
20:46हमारे सिपाईों में से तुमें कोई भी मश्कूक लगे तो
20:49मुझे खबर करना
20:51समझ गए कमांडर
21:04मेहमत आकिब साहब ने सिपाईों के नाम खट भीजा है
21:25सिपाईों को सलाम पेश किया है
21:29खट में रोशन मुस्तक्बिल की नवीद है
21:31वो इस वतन के कोने कोने में जाकर नोचवानों को
21:34हमारा खाब सुना रहे है
21:36अपने खट में इस बात की नवीद देते हैं कि
21:39आज हम हारे ही सही
21:41लेकिन कल एक तूफान बन कर
21:42एक बाईमान नसल
21:44जरूर परवान चड़ेगी
21:46मैं इन से मुलाकात करने का बहुत खाईश मंद हूँ कमांडर
21:48उन्हें ढूंड सको तो मिले नसले
21:52वो तो
21:55दो दिन भी एक पिस्सर पर नहीं सोते
21:58महमत आकिफ साब वतन के हर कोने में है
22:01अश्रफ साब अरब इलाकों में है
22:05अमर नाजी साब करकुक में है
22:07आदिल हिकमत साब तुरकिस्तान में
22:11आजादी की चंगारी चलाने के लिए
22:13तेजी से आके बढ़ रहे है
22:14हर दोर में दिलेर लोग पैदा होते हैं सौले
22:18हम मिलकर
22:20कंधे से कंधा मिलाकर इस मुसीबत से निकल जाएंगे
22:23इंशाला कमांडर
22:53कंधे से निकल जाएंगे
23:23कंधे से निकल जाएंगे
23:53मिस्टर लॉरेंस
24:11खुशामदेद
24:12इतने जल्दामत की तवक्कों नहीं थी
24:20मैं शेख करीम
24:23यहीं का मकाम हैं
24:27खुशामदीद तो मुझे आपको करना चाहिए
24:32हर बार एक नया नाम
24:33एक नया रूप
24:35यही चीज तो बरतानिया को अजीम बनाती है
24:41हमारे चेहरे और रूप चाहे कितने भी हो लेकिन
24:45मकसद एक ही है
24:47नक्षे बदलना और दुनिया को नहीं शकल देना हमारा मकसद है
24:52अगर आप शेक्सपियर की दौर में जिन्दा होते तो मुझे इस बात का पूरा यकीन है
24:58कि वह आप कितने किरदारों को देख कर जरूर हसत करता
25:00बहुत शुक्रिया कैप्टन सहाब
25:03मगर मेरा मकसद आपको जलाना नहीं
25:07बलके इन अलाकों में जो हमने अपनी द्यासत बनाई है
25:09उन में शेक्सपियर की जबान
25:11यानि अंग्रेजी जुबान को गालिप कर देंगे
25:14क्योंके जुबान सोच की बुनियाद है
25:17और हम ये मकसद मिल कर हासल करेंगे
25:21चलने इस तरफ आईए
25:22मेवलू सार्जेंट
25:35मेवलू सार्जेंट
25:37मेवलू सार्जेंट
25:39मैं तुम्हे नजर अदास कर रहा हूँ
25:42फिर भी बिलाओ जावाज है क्यों दे रहा हूं मुझे
25:44क्यों नजर अदास कर रहा है
25:45बरतानवियों का दिमाग घूम जाएगा
25:48हम रज़त का बदला लेने ही वाले है
25:49हस्पुन अल्ला
25:51ऐसे क्यों कह रहा है
25:55अभी तो कुछ भी नहीं कहा मैंने
25:57मैं तो बदनाम हो गया हूँ
26:00चलो बद से बदनाम बुरा
26:01मैं बलो सार्जेंट
26:10सार्जेंट
26:11पात्मा खातूम
26:28कहीं जैनब को तो कुछ नहीं हुआ
26:30नहीं जैनब ठीक है
26:31दॉक्टर सल्मान ने एक पैगाम दिया है
26:33उन्होंने कहा कि वो तुमसे जल दस जल मिलना चाहते है
26:36किस बारे में कुछ बताया उसने
26:38नहीं बताया
26:40बस इतना कहा कि कमसे मिलना चाहता है वो
26:42वो मीना खैरियत हो कि इंचाल्ला
26:45ये किताब किसकी है
26:50तुफा लाई हूँ तुम्हारे लिए
27:06ये मुसन्निफ फुजूली की लेला और मचनु है
27:09तुम्हारे लिए लाई हूँ मैं
27:13दिन का अगास सूरज के तुलू होने से होता है
27:24कसम खाता हूँ
27:27ये बात बहुत सोच समझ कर कही कही है
27:29जब मुझे मेरी सूरज की तरह चमकती हुई महबू बन ना दिखे
27:35तो दिन नहीं शुरू होता
27:36ये ही है मेरे दिल का हाल
27:39जब बैरूत में जेरे तालीम थी
27:48तो सोचती थी कि अगर कभी किसी से महब्बत हुई
27:51तो उससे ये किताब तोफ़े में दूँगी
27:55और तब से ये किताब संभाल के रखी है मैंने
28:07मैं ये तोफ़ा कभी नहीं बोलूँगा
28:09हमेशा साथ रखूँगा
28:14तुम्हारा चहरा क्यों उतर गया है अली
28:17क्या तोफ़ा पसंद नहीं आया तुम्हें
28:19नहीं पसंद आया
28:21वो तोफ़ा जो तुमसे मिले कैसे ना पसंद करूँ
28:23मैं कुछ और सोच रहा था
28:29क्या हुआ
28:31क्या कोई बात तुम्हें परिशान कर रही है
28:34क्या मेरे बाबा ने कहा है कुछ तुम से
28:37शेहर में बहुत जल्द एक बड़ा धमाका होने वाला है
28:41हम बरतान्यों का गोदाम तबाह करने वाले है
28:46क्या? लेकिन तुम ये सब कैसे करोगे?
28:49उस गोदाम तक पहुँचने के लिए हम सुरंगे खोद चुके है
28:52लोगों में बाटने के लिए सामान भी निकाल चुके है
28:56लेकिन अली अगर तुम्हें कुछ होगा या तुम्हें गिरिफतार कर लिया ता फिर क्या होगा?
29:00कुछ नहीं होगा फिकर मत करो
29:01फात्मा खातुम
29:03हालात मजीद कशीदा होने वाले हैं
29:06घेरा तंग हो रहा है
29:07तुमसे गुजारिश है कि
29:09जब तक कोई खास बात नहों यहां मताना
29:12अब जैनब के हालब कैसी है?
29:17ठीक है वो
29:18यानि जल ठीक हो जाएगी
29:20डॉक्टर सल्मान ने कहा है
29:22कि उसे जहर दिया गया है
29:24जैनब के साथ यह सब किया किसने?
29:30उसका ऐसा कौन सा दुश्मन है
29:31जिसे हम नहीं चानते
29:32मुझे तो सिर्फ उस डॉक्टर अलीसा पे शक हो रहा है
29:35जब महमद अस्पताल में था
29:37तो जैनब ने बताया कि डॉक्टर अलीसा को उसमें कुछ जादा ही दिल्चस्पी हो रही थी
29:41और महमद की तरफ जैनब की दिल्चस्पी को भी डॉक्टर अलीसा ने महसूस किया
29:45और उस दिन के बाद तो वो जैसे दुश्मन हो गई थी जैनब की
29:49अगर ये सब अलीसा का किया धरा है
29:51तो वो जैनब की मौत तकहार नहीं मानेगी
29:54फिकर मत करो
29:55दॉक्टर सिल्मान उस पे नज़र रखे हुए है
30:19तुमने धोका दे कर कुछ शेहर में कैसे दाखिल हुए
30:41जबके तुर्कों ने हमें चारों तरफ से महसूर करके रख दिया है
30:44यही तो मेरा काम है कैप्टन
30:47वहाँ जाना जाना नामुंकिन हो
30:50उन्हें पकड़ना जो कभी पकड़े ना गए हूँ
30:52वो बाते जान लेना जो कोई और नहीं जानता
30:55मगर मैं तुम्हारा शक्स समझ सकता हूँ
31:00मैंने अपना पासवर्ट बताया है
31:02अगर तुम इतमिनान करना चाते हो
31:05तो बसरा टेलिग्राम भेज कर दी हुई मालूमात की तद्दीक करवा लो
31:08जबके तुर्क टेलिग्राफ की लाइने पर बात कर रहे हैं
31:15इन हालात में ऐसा करना मुम्किन नहीं यह लॉरेंस
31:17कैप्टन की बात का बुरा मत मानिएगा
31:22यह सब इसलिए कहता है क्योंकि इसके नजदेक शक ही सच का अगास है
31:27बिल्कुल ठीक जैनरल
31:30वैसे कैप्टन का शक करना अच्छा लगा मुझे क्योंकि
31:33हम भी सहरा में किसी पर भरोसा नहीं करते
31:38लेकिन मैं
31:42टेलिग्राम भीजने की जरूरत नहीं समझता
31:45क्योंकि जब टेलिग्राम की तारे ठीक थी
31:50तो हमने सुना था क्या आप आ रहे हैं
31:53यगिनन कुछ आम होगा जो खत्रे की परवा किये बगएर आप आए हैं
31:56जंटलमेन
31:58लेंडन इस बात से बहुत परेशान है कि ये जंग इतनी लंबी क्यूं हो गई है
32:02इस मुर्चे ने उन तुर्कों को ताकत दी जो गिरने ही वाले थे
32:06उन में उमीद पैदा कर दी
32:08माफ कीजीगा मगर आप ही ने तुर्कों को दुबारा खड़ा कर दिया है
32:13ये बहुत बड़ा इल्जाम है जनाब लॉरेंस जिसे मैं नहीं मानता
32:17अगर लंडन किसी मुझरिम की तलाश कर रहा है तो वो मैं या मेरे सिपाई नहीं है
32:20हम कई दिनों से इमदादी फौज के मुंताजर है और मजाहिमत कर रहे है
32:24इस सब का जमेदार सिर्फ लंडन है जो तुर्क मुहासर को फौज के जरी खत्म करने में नाकाम रहा
32:29जैनरल
32:31शेहर में सकूपलू और उसका ग्रो जो कुछ कर रहा है उसका जमेदार भी लंडन है
32:36मैंने हमारी फौज में बहुत से हिंदोस्तानी सिपाहियों की घद्दारी साबित की
32:42सकूपलू और उसके साथियों को जल्स पकड़ लेंगे बेफिकर रहे
32:49ये वादे मुझ से नहीं अरब कबायल से कीजिए कैप्टन
32:53मैं जानता हूँ सकूपलू कैसे आपके हाथों से फरार हुआ
32:57आपकी वज़से सकूपलू इस इलाके का हवामी हेरो बन गया
33:03यहां रुक कर आप सहरा को सराब होता देख रहे हैं
33:10आप अपनी अकल हो चुके हैं याद रखें हम बरतानमियों की पहचान जहींग सोच है तुर्कों को अपनी अकल से शकस्त देंगे
33:40क्ली प्यां अपनी अपनी अपनी अपनी हैं
34:10कि चलो करम तमाम करते हैं यह क्या है चैनेरल मुझे नहीं मालूम जनाब लॉरेंस नहीं मालूम
34:26करिको हो दो जनाब करिको से दूरोजाइड है
34:56यह जलजला हमारे टुकड़े टुकड़े कर देगा
35:03जनाब
35:26तुकों ने हमारी रस्तगाह को तबाह कर दिया है
35:31बदकिस्मती से कई फौजी मारे गए
35:37टेप्टन हिमिल्टेन
35:45मैंने तुमसे कहा था कि मुझे कोई गलती नहीं चाहिए
35:50ये तुर्क लोग इतना मुश्किल काम कैसे अंजाम दे सकते है
35:55मैंने तमाम इफास्ती इंतरदामाद किये थे लेकिन चर्णल
36:00तो मतलब तुमने शेहर में मौझूद गद्दारों को नहीं निकाला कैप्टन
36:03जनाब लॉरेंस जब तक इस कूप लोर उसका गिरह ना पकड़ा जाए शेहर मत छोड़ियेगा
36:16मौझ।
36:28झाल झाल
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