00:00अगर आपके पास कोई घड़ी मौजूद नहीं है, वक्त देखने का कोई मशीन आपके पास नहीं है, मुबाइल आपके पास नहीं है, तो आप नमाज का वक्त कैसे पता करेंगे?
00:10मुबाइल आपके पास नहीं है, तो आप नमाज का वक्त कैसे पता करेंगे?
00:40तो आईए आज हम सबसे पहले फजर के वक्त के बारे में जानते हैं, कि फजर का वक्त कब से शुरू होता है, और कब खतम होता है, और इसका मुस्तहब वक्त क्या है?
00:51तो आईए हम समझते हैं
00:53फजर का वक्त सुबह सादिक से शुरू होता है
00:56और सूरज के निकलने से खतम हो जाता है
00:59रात के आखिरी पहर में सुबह होते वक्त
01:03पूरब की तरफ यानि पुर्व दिशा की तरफ
01:06आस्मान की लंबाई में कुछ सफेदी दिखाई देती है
01:10जो थोड़ी देर में खतम हो जाती है
01:13और अंधेरा हो जाता है
01:15इसे सुबह काजिब कहा जाता है
01:18असल में ये इस तरह के सफेदी होती है
01:21जिसे देख कर लोग ये समझते हैं
01:24कि सुबह होने वाला है
01:26हाला के अभी रात बाकी है
01:28ये धोका देता है
01:30ये एक जूटी सफेदी है
01:32इसलिए इसे सुभे काजब कहा जाता है
01:34यानि जूटी सुभा
01:35उसके थोड़ी देर बाब
01:37आस्मान के किनारे पर
01:39कुछ सफेदी चवडाई में दिखाई देती है
01:42जो बढ़ती रहती है
01:44जो थोड़ी देर में
01:46बिलकुल रोशन हो जाती है
01:48उसे सुभे सादिक कहा जाता है
01:51और इसी से
01:52फजर का वक्त शुरू होता है
01:54यानि सुभे सादिक
01:56वो जाने से फजर का वक्त
01:58शुरू हो जाता है
01:59और सूरज निकलने तक
02:02ये वक्त बागी रहता है
02:03जब सूरज निकल जाता है
02:05तो फजर का वक्त खत्म हो जाता है
02:07ये सुबह सादिक से लेकर
02:09सूरज के निकलने तक
02:11पूरा वक्त फजर का वक्त है
02:13किसी भी वक्त नमाज पढ़ सकते है
02:16आईए अब हम जानते है
02:18कि फजर का मुस्तहब वक्त क्या है
02:21जिसमें नमाज पढ़ना बहतर है
02:23और सवाब ज्यादा है
02:24तो याद रखेगा
02:26कि फजर की नमाज
02:27इसफार करके पढ़ना मुस्तहब है
02:30यानि ज्यादा उजाले में पढ़ना मुस्तहब है
02:33जब ज्यादा रोशन हो जाए
02:35और उजाला हो जाए उस वक्त नमाज पढ़ना ये मुस्तहब है
02:39लेकिन इसमें ये ख्याल रखना है
02:41कि इतनी ताखीर और इतनी देर ना हो
02:44कि अगर किसी वज़ा से वो नमाज फासिद हो गई
02:47तो दोबारा उस नमाज को सुन्त के मताबिक पढ़ने का वक्त मिले
02:52यानि सुरज निकलने से कम से कम 30 मिनट पहले नमाज पढ़ लेनी चाही
02:59कि अगर कहीं वो नमाज नहीं हुई या फासिद हो गई
03:02तो दोबारा सुन्त के मताबिक नमाज पढ़ सके
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