00:00अगर आपको नीद आने में परिशानी होती है, बेखवबी होती है और नीद नहीं आती, नीद का आज आज हम रसूल अलाहिए आज हम रसुल आज आने में परिशानी होई दूआ से करेंगे.
00:12असलाम अलाइकुम रह्मतल्लाही और बरकातुम। महतरम हजरात, अमीद है आप सब खेरियत से होंगे। आज हम एक ऐसा अमल के बारे में जानेंगे जिससे आपकी नीद की परिशानी का हल हो जाए।
00:33याई अगर आपको नीद आने में परिशानी होती है, बेखावी होती है और नीद नहीं आती, दौाईयां भी लेते हैं, दौा वगेरा पड़ते हैं, बदन में थकान भी होता है, फिर भी नीद नहीं आती।
00:48ये नीद का इलाज, आज हम रसूल नहीं की सिखाई हुई दौा से करेंगे।
00:56आदेश में आता है, बेखावी सताती है, नीद की परेशानी है, बेखावी होती है और नीद नहीं आती।
01:16ही आती तो रसुलल्ला स्लोल्ला अलिहीं वसल्लम ने इशाद फर्माया कि तुम ये दुआ पढ़ लो तुम्हारी ये बेखवबी दूर हो जाएगी और नीद अच्छी आने लगेगी वो दुआ ये है
01:28ये एक ऐसी दुआ है कि अगर आप पढ़ लेंगे तो आपका नीद की जितनी भी परेशानी हो इन्शालला दूर हो लेगी
01:52अगर एक मर्कबा पढ़ने से नीद नहीं आती तो आप चुप चाप सो कर लगातार पढ़ते रहे
01:58इन्शालला कब नीद आ जाएगी आपको पता भी नहीं चलेगी
02:01और जितना भी सोच टेंशन और बेखवब आपके जहन में आती है उस सब धुरन दूर हो जाएग
02:07तो जायद विन साबित रधिय लौ्ग नहीं ने फरिमाया जब से बहुए भी से ही या आती है नीद नहीं आती है तो यह दूर जाएगी याद करके रात में सोते सोते पढ़ते रहना चाहिए जब तक नीद ना आए
02:27तो अगर आप ये पढ़कर सुएंगे
02:29तो इन्शालला आपके नीद की परेशानी दूर हो जाएगी
02:33इसमें एक बात ये भी याद रखनी है
02:35कि ये आमल तो अपने लिए है
02:38लेकिन अगर किसी बच्चे को नीद की परेशानी है
02:41तो वो तो ये दूा नहीं पढ़ सकते
02:43तो उस वक्त आप ये दूा पढ़कर
02:45उस बच्चे पर दम कर सकते हैं
02:47फूक मार सकते हैं
02:48लेकिन इसमें दो एक अलफाज
02:51बदलने के जरूरत पढ़ेगी
02:52तो ये जो अहदी लैली है
02:54कोई लड़का है बच्चा लड़का है
02:56तो अहदी लैलहू पढ़ेंगे
02:59और अगर वो लड़की है बच्ची है या औरत है
03:04तो उसके लिए अहदी लेलहा और अनिम आइनहा पढ़ेंगे
03:09और अगर खूद पढ़ रहे हैं अपने लिए है तो अहदी लेली और अनिम आइनी पढ़ेंगे
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